india vs england indian senior trio of virat pujara and rahane should make big score says inzamam ul haq
चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली @BCCITwitter

इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया भले ही 3 टेस्ट मैच खेलकर अभी सिर्फ एक टेस्ट हारी हो और सीरीज 1-1 से बराबर हो लेकिन कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों का मानना है कि अगर भारतीय टीम के सीनियर बल्लेबाज रन नहीं बनाते हैं तो टीम इंडिया दबाव में घिर जाएगी और यहां सीरीज हार सकती है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक (Inzamam Ul Haq) ने चिंता जताई है कि कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli), चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) और अजिंग्य रहाणे (Ajinkya Rahane) जैसे बल्लेबाज अगर रन नहीं बनाएंगे तो टीम पर दबाव आना तय है.

इंजमाम ने कहा कि पुजारा और कोहली तो करीब 2 साल से शतक नहीं जमा पाए हैं, जबकि रहाणे ने भी ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न टेस्ट में दिसंबर में शतक जमाने के अलावा कोई और शतकीय पारी नहीं खेली है. यह टीम के लिए चिंता की बात है क्योंकि भले ही वह पिछले कुछ समय से टेस्ट में बेस्ट प्रदर्शन कर रही हो लेकिन उसके सीनियर बल्लेबाज पूरी जिम्मेदारी से रन नहीं बना रहे हैं.

पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 91 और कोहली ने 55 रन बनाए थे. अपने यू-ट्यूब चैनल ‘द मैच विनर’ पर इंजमाम ने कहा, ‘अगर आप भारत की बल्लेबाजी लाइनअप को देखें तो कोहली ने करीब दो साल से शतक नहीं बनाया है. ऐसा ही कुछ पुजारा और रहाणे के साथ है.

उन्होंने कहा, ‘रिषभ पंत ने रन बनाए हैं और रवींद्र जडेजा तथा रविचंद्रन अश्विन ने भी योगदान दिया है. इन अनुभवी खिलाड़ियों की तुलना में युवा खिलाड़ियों ने ज्यादा योगदान दिया है.’ इंजमाम का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज से भारत के लिए निचले क्रम के बल्लेबाजों ने ज्यादा योगदान दिया है.

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने कहा, ‘बड़ी सीरीज में अगर भारत के अनुभवी खिलाड़ी सामने से नेतृत्व नहीं करेंगे तो टीम मुसीबत में घिर जाएगी. मैं टीम इंडिया का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया से देखता आ रहा हूं. उन्होंने काफी अच्छा टेस्ट क्रिकेट खेला है. टीम इंडिया ने मुश्किल हालातों में घर से बाहर सीरीज जीती है. लेकिन इन सीरीजों में युवाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है.’

इंजमाम ने कहा, ‘कोहली दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी हैं. पुजारा और रहाणे अच्छे टेस्ट खिलाड़ी हैं. लेकिन अगर इनके शतक के बीच समय का बड़ा अंतर रहा तो युवा खिलाड़ी दबाव में आ जाएंगे.’