india vs england it does not look anything deliberately says indian coach on england ball tampering
भारत vs इंग्लैंड लॉर्ड्स टेस्ट में वॉल टैंपरिंग का संदेह @Twitter

लॉर्ड्स टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड की टीम एक वक्त मुश्किल में दिख रही थी. यह तब हुआ, जब भारत का चौथा विकेट हासिल करने के लिए उसे कई घंटों तक फील्डिंग करनी पड़ रही थी और उसे कोई विकेट हासिल नहीं हो रहा था. इंग्लैंड ने भारत के तीन बल्लेबाजों के विकेट जल्दी निकाल लिए थे. इस बाद आउट ऑफ फॉर्म चल रहे चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने मोर्चा संभाला और बखूबी अपनी टीम को दबाव से बाहर निकालने का काम कर रहे थे. इस दौरान इंग्लैंड के खिलाड़ियों को एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने जूतों पर लगी कीलों से बॉल टैंपरिंग का प्रयास कर रहे हैं. भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

भारतीय बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने इस मामले को तूल नहीं देना ही बेहतर समझा और कहा कि उन्हें लगता है कि इंग्लिश खिलाड़ियों ने यह जानबूझकर नहीं किया बल्कि ‘दुर्घटनावश’ ऐसा हो गया. यह घटना उस वक्त सामने आई, जब भारतीय पारी का 34वां ओवर फेंका जाना था. इस दौरान इंग्लैंड के दो खिलाड़ी गेंद को अपने जूते के नीचे रखते नजर आए. खिलाड़ियों के जूतों के नीचे कीलें (स्पाइक्स) होती हैं, जिससे बॉल के चमड़े पर खरोंच पड़ना या खुरदरा होना निश्चित है.

ऐसा होने से गेंद अपनी स्वभाविक स्विंग से अलग व्यवहार करती है. यह मामला आईसीसी के नियमों के अनुसार बॉल से छेड़छाड़ यानी बॉल टैंपरिंग का बनता है. लेकिन भारतीय टीम ने इस मामले को तूल नहीं देना ही बेहतर समझा है.

चौथे दिन के खेल के बाद वर्चुअल प्रेस कॉन्फेंस को संबोधित करने आए विक्रम राठौड़ ने कहा, ‘हम बॉलकनी में बाहर बैठे हुए थे, तो हमने मुश्किल से ही वह वीडियो देखा होगा. मैंने उसे बाद में देखा, ऐसा नहीं लगता कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा हो.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह दुर्घटनावश हुआ है. हमने इसके बारे में कुछ भी सोचा नहीं है.’ भारतीय टीम ने मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड से इस मामले में किसी तरह की कोई अधिकारिक शिकायत नहीं की है.