इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (James Anderson) ने चेन्नई में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच के दौरान रिवर्स स्विंग का शानदार इस्तेमाल पर कई भारतीय बल्लेबाजों को चारों खाने चित्त किया था लेकिन उनका मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैच में तेज गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग नहीं मिलेगी।

भारत और इंग्लैंड के बीच चार मैचों की सीरीज का तीसरा मैच 24 फरवरी से अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में आयोजित होगा। ये मैच डे-नाइट फॉर्मेट में पिंक बॉल से खेला जाएगा। फिलहाल दोनों टीमें सीरीज में 1-1 से बराबरी पर हैं, ऐसे में डे-नाइट टेस्ट सीरीज में निर्णायक साबित हो सकता है।

ईएसपीएन क्रिकइंफो ने एंडरसन से हवाले से लिखा, “ये बाकी (पिंक बॉल गेंदो) से अलग नहीं है। पिंक बॉल के बारे में जो हमने जाना है, उसके मुताबिक उन पर लाख की एक अतिरिक्त परत होती है जिस वजह से वो प्लास्टिक जैसी ज्यादा लगती हैं, जबकि रेड बॉल पर चमड़े की परत होती है।”

इंग्लिश गेंदबाज ने कहा, “ये काफी हद तक ड्यूक गेंद जैसी लगती है। मुझे नहीं लगता कि रिवर्स (स्विंग) देखने को मिलेगी। अगर पिच खुरदुरी होती है तो शायद हमें थोड़ी रिवर्स देखने को मिले लेकिन हमने नेट में जिस तरह से गेंदबाजी की है, उसके बाद अगर गेंद रिवर्स होती है तो मुझे बहुत हैरानी होगी। ये लंबे समय तक सख्त रहेगी। हमें 40-50 ओवर तक इंतजार करना होगा।”

पिंक बॉल के साथ गेंदबाजी योजना के बारे में एंडरसन ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि हम रेड बॉल के साथ जैसे गेंदबाजी करते हैं उसके कुछ अलग करेंगे। हम स्थिति का आंकलन करेंगे और उस हिसाब से गेंदबाजी करेंगे। अगर स्विंग होती है तो हम अटैक करेंगे, फुल लेंथ डालेंगे, अतिरिक्त फील्डर लगाएंगे। अगर नहीं तो फिर हम डिफेंसिव रहेंगे।”

सीनियर क्रिकेटर ने कहा, “बात स्थिति को समझने की है। हमारे कुछ गेंदे जो कि काफी पुरानी है, हम उनसे ही अभ्यास कर रहे हैं जो कि कुछ हरकत नहीं कर रही हैं और मुझे लगता है कि ये जरूरी है क्योंकि जब गेंद स्विंग नहीं हो रही होती तो आपको विकेट लेने के लिए अलग विकल्प चाहिए होते हैं।”