india vs england james anderson shares his success mantra in test cricket
जेम्स एंडरसन @ICCTwitter

दुनिया के सबसे कामयाब फास्ट बॉलर जेम्स एंडरसन (James Anderson) का आज हर कोई मुरीद है. 39 साल की उम्र में भी यह दिग्गज तेज गेंदबाज जिस रफ्तार से गेंद को दोनों ओर स्विंग कराता उससे बड़े-बड़े बल्लेबाजों का सिर चकरा जाता है. आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में से एक भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का विकेट तो एंडरसन को शायद सबसे ज्यादा ही भाता है. उन्होंने विराट को इस फॉर्मेट में अब तक 7 बार अपना शिकार बनाया है. लीड्स टेस्ट में उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड की टीम भारत पर हावी है.

पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद इस तेज गेंदबाज ने अपनी कामयाबी का राज सबसे शेयर किया. एंडरसन ने कहा कि अब वह नेट्स पर कम बॉलिंग करते हैं और अपनी पूरी एनर्जी मैदान पर इस्तेमाल करने के लिए बचाकर रखते हैं.

एंडरसन ने अपनी शानदार गेंदबाजी का नमूना तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भी दिखाया, जब उन्होंने 8 ओवर में 6 रन देकर 3 विकेट लिए और विराट कोहली के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के फैसले के बाद भारतीय टीम को पहली पारी में 78 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभाई.

इस 39 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘उम्र बढ़ने के साथ मुझे लगता है कि मुझे जिम में अधिक कड़ी मेहनत करनी चाहिए. मैं नेट्स पर कम गेंदबाजी करता हूं और इसे मैच के लिए बचाए रखने की कोशिश करता हूं, जबकि यह अधिक मायने रखती है.’

एंडरसन ने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी परीक्षा स्वयं को बड़े स्पैल करने और बड़े मैचों में खेलने के लिये मानसिक रूप से तैयार करना है. यह मैचों के जरिए स्वयं को ऊर्जावान बनाने और जब आप गेंदबाजी नहीं कर रहे हों तो अपनी ऊर्जा बचाए रखने से जुड़ा है और मैं हमेशा ऐसा करता हूं.’

एक सप्ताह पहले लॉर्ड्स की पहली पारी में एंडरसन ने पांच विकेट लिए. दूसरी पारी में जब भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने क्रीज पर पांव जमाए तो उन्हें अतिरिक्त गेंदबाजी करनी पड़ी. उन्होंने कहा, ‘लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान मैदान से वापस लौटते समय थोड़ा परेशानी हो रही थी लेकिन मैं संतुष्ट था कि मैंने टीम की जरूरत के हिसाब से यह बदलाव किया.’

भारत ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन और उसके बाद शानदार गेंदबाजी से दूसरा मैच जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई. एंडरसन ने कहा कि इसके बाद खिलाड़ियों ने केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया.

उन्होंने कहा, ‘हमने केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा प्रयास किया है. हमने बाहर जो कुछ भी हो रहा है उसे नजरअंदाज करने की कोशिश की और सुनिश्चित किया कि हमारा ध्यान केवल अच्छा प्रदर्शन करने पर केंद्रित रहे.’