मौजूदा क्रिकेट के शीर्ष चार बल्लेबाजों में गिने जाने वाले इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) खुद को विराट कोहली (Virat Kohli), स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और केन विलियमसन (Kane Williamson) के बराबर नहीं मानते हैं।

ईएसपीएन क्रिकइंफो को दिए बयान में रूट ने कहा, “आप इस खेल के तीन सबसे महान खिलाड़ियों को देख रहे हैं। वे तीन शानदार लोग हैं, जिन्हें खेलते देखना सुखद: अहसास होता है और इन जैसे खिलाड़ियों से आप रोज सीखते हैं। मुझे यकीन नहीं है कि मैं खुद को उनके समान कभी मान सकूंगा।”

अगर रूट भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में बड़े स्कोर बनाकर सीरीज ड्रॉ करा लेता हो तो फिर निश्चित तौर पर रूट की गिनती कोहली, स्मिथ और केन की श्रेणी में होने लगेगी।

5 फरवरी को एमए चिदंबरम स्टेडियम में उतरने के साथ रूट 100 टेस्ट मैच खेलने वाले इंग्लैंड के 15वें क्रिकेटर बन जाएंगे। वहीं टेस्ट शतकों की बात करें तो रूट को विराट कोहली (87), स्टीव स्मिथ (77) और केन विलियमसन (83) के समकालीन हैं। हालांकि सर्वाधिक टेस्ट मैच खेलने के मामले में रूट बाकी तीन खिलाड़ियों से आगे हैं क्योंकि वो इन चारों बल्लेबाजों में से 100 टेस्ट का आंकड़ा हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

इंग्लैंड के लिए 100 टेस्ट खेल चुके बल्लेबाजी कोच ग्राहम थोर्प ने कहा, “ये एक बड़ी उपलब्धि है। आपको एक अच्छी भावना की आवश्यकता है। रूट का मनोबल ऊंचा है। आपको 100 टेस्ट खेलने के लिए चरित्र और लचीलापन, तकनीक दिखाना होता है। 100 टेस्ट खेलना कोी मजाक नहीं। वो हमेशा विनम्र बने रहे और हमेशा सीखने की ललक रखते हैं।”

शनिवार को हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर ने भी अपने कप्तान की तारीफ की।

उन्होंने कहा, “श्रीलंका में वो शानदार फॉर्म में थे। स्पिन गेंदबाजों को खेलने में हमेशा से ही कोई उनकी बराबरी नहीं कर सका है। वो स्वीप शॉट्स के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक हैं जो कि स्पिनरों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। रूट के पास स्कोर करने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। वो तेजी से स्कोर करते हैं और स्ट्राइक रोटेट करते हैं।”