विराट कोहली ने वानखेड़े टेस्ट में बनाए शानदार 235 रन।  © Getty Images
विराट कोहली ने वानखेड़े टेस्ट में बनाए शानदार 235 रन। © Getty Images

भारत बनाम इंग्लैंड वानखेडे़ टेस्ट में भारत ने पारी खत्म होने तक 231 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 235 रन बनाए, कोहली ने 69.12 के स्ट्राइक रेट से 340 गेंदों पर 235 रन जड़ दिए। कोहली ने इस पारी में 25 चौके और एक छक्का भी लगाया। ताज्जुब की बात है कि यह कोहली का 11वां टेस्ट सिक्सर था। कोहली ने अब भारतीय टीम के सीमित ओवर के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बतौर टेस्ट कप्तान बनाए सर्वाधिक स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। उन्होंने एमएस धोनी के 224 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया। इसके पहले यह रिकॉर्ड विनोद कांबली के नाम था जिन्होंने 224 रन बनाए थे। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, चौथा टेस्ट, चौथा दिन(लाइव ब्लॉग): इंग्लैंड का पहला विकेट गिरा, भारत की पहली पारी 631 रन

धोनी के साल 2014 में टेस्ट से संन्यास लेने के बाद विराट ने टेस्ट की कप्तानी संभाली। धोनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉक्सिंग डे टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद मेलबर्न में ही अचानक संन्यास की घोषणा कर दी थी। टेस्ट कप्तानी करते हुए 2013 में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में धोनी ने अपना पहला टेस्ट दोहरा शतक लगाया था। यह स्कोर किसी भी भारतीय टेस्ट कप्तान द्वारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर था जिसे आज वानखेड़े टेस्ट में कोहली ने अपने नाम कर लिया। धोनी ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में यह कीर्तिमान बनाया था। टॉस हारकर भारत को पहले गेंदबाजी करनी पड़ी थी। कंगारू टीम के 380 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम शुरूआती विकेट जल्दी खो दिए। 324 रन पर भारत के पांच विकेट गिर गए थे ऐसे में बल्लेबाजी करने आए एमएस धोनी। धोनी अब तक टेस्ट में ऐसी कोई यादगार पारी नहीं खेल पाए थे लेकिन इस बार कुछ अलग होने वाला था। धोनी ने 84.52 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से 365 गेंदों पर 224 रन ठोंक दिए जिसकी बदौलत भारत ने 527 रन बनाए। भारत ने यह मैच आठ विकेट से जीता था और मैन ऑफ द मैच धोनी ही रहे थे। वहीं वानखेड़े टेस्ट भी भारत के हक में जाता दिख रहा है। इस मैच में कोहली ने एक और रिकॉर्ड तोड़ा है, वह है भारत की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड। साल 1993 में इंग्लैंड के भारत दौरे पर खेले गए तीसरे टेस्ट में विनोद कांबली ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। गौर करने वाली बात यह है कि वह मैच भी वानखेड़े मे खेला गया था और कांबली ने भी 224 रनों की पारी खेली थी। भारत ने यह मैच भी एक पारी और 15 रन से जीता था। ये भी पढ़ें: क्यों जयंत यादव बन सकते हैं भारत के अगले मैचविनर ऑलराउंडर

कोहली की इस रिकॉर्ड तोड़ पारी की मदद से भारत ने मैच पर पूरी तरह से पकड़ बना ली है। वानखेड़े टेस्ट जीतकर भारत इस सीरीज पर कब्जा कर लेगा और 2012 का हीर का बदला भी लेगा। कोहली के साथ मुरली विजय ने भी 136 रनों की बेहतरीन पारी खेली और जयंत यादव ने भी अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा। कोहली अगर इस सीरीज का पांचवा आखिरी और पांचवा मैच भी जीत जाते हैं तो वह इंग्लैंड को क्लीन स्वीप कर सकते हैं।