India vs England: Virat Kohli supports rotation policy in a time of corona and Bio secure bubble environment
विराट कोहली (BCCI)

भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी और बायो सिक्यो माहौल के समय में रोटेशन नीति काफी मददगार है क्योंकि क्वारेंटीन की वजह से खिलाड़ी मानसिक रूप से थक जाते हैं। इंग्लैंड की टीम भारत के मौजूदा दौरे पर रोटेशन नीति अपना रही है जिसकी केविन पीटरसन, माइकल वॉन समेत जैसे दिग्ग्जों ने आलोचना की है।

हालांकि कोहली का मानना है कि जब तक खिलाड़ी बायो सिक्योर बबल का हिस्सा हैं तब तक बीच-बीच में ब्रेक लेना बुरा नहीं है। कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले चौथे टेस्ट से पहले कहा, ‘‘बायो सिक्योर माहौल में जिस तरह नियमों का पालन करना पड़ता है उससे चीजें कभी कभी काफी बोरिंग हो जाती हैं और छोटी चीजों को लेकर खुद को उत्साहित रखना बेहद मुश्किल होता है।’’

साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी के कारण ब्रेक के बाद सभी टूर्नामेंट जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में खेले जा रहे हैं। कोहली ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खेल का कोई भी फॉर्मेट ब्रेक के लिए सही है। कोई भी इंसान पूरे साल इतने सारे मैच नहीं खेल सकता। सभी को ब्रेक के लिए समय की जरूरत है।’’

मैक्सवेल-फिंच ने अर्धशतक जड़े; एगर के 6-विकेट हॉल के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को मात दी

कोहली ने हालांकि कहा कि रोटेशन नीति की सफलता के लिए मजबूत बेंच स्ट्रैंथ बेहद जरूरी है। उन्हें खुशी है कि इस मामले में भारत किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बेंच स्ट्रैंथ कहीं अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर आपके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिनमें भूख है, जो तैयार हैं, जो समझते हैं कि खेल किस तरफ जा रहा है और उनमें मौकों का फायदा उठाने का साहस है तो फिर हम आसान से खिलाड़ियों को रोटेट कर सकते हैं।’’