भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद पूर्व खिलाड़ियों ने इंग्लिश बल्लेबाजों के प्रदर्शन की आलोचना की है। इन पूर्व खिलाड़ियों ने बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मोंटी पनेसर (Monty Panesar) भी शामिल हैं जिनका मानना है कि इंग्लैंड टीम के युवा बल्लेबाजों के पास स्पिन की मददगार पिचों पर खेलने की काबिलियत नहीं है।

भारत ने शनिवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए चौथे मुकाबले के तीसरे दिन इंग्लैंड को पारी और 25 रनों से हराकर चार मैचों की सीरीज 3-1 से अपनी नाम की थी।

पनेसर ने आईएएनएस से कहा, “इस सीरीज में इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज थोड़े घबराए हुए थे और उनके पास फिलहाल इस तरह को कौशल नहीं है जो भारतीय बल्लेबाजों के पास है। कप्तान जो रूट पर काफी जिम्मेदारियां थी और वो स्पिन के खिलाफ काफी बेहतर खेले हैं। लेकिन रूट के साथ किसी बल्लेबाज को साथ देना चाहिए था जिससे साझेदारी की जा सके।”

2006 में भारत के खिलाफ नागपुर में टेस्ट डेब्यू करने वाले पनेसर ने कहा कि भारत में खेलना आसान नहीं है। पनेसर ने कहा, “दर्शकों के होने से प्रभाव पड़ता है। भारत दौरे से पहले इंग्लैंड श्रीलंका गई थी जहां दर्शक मौजूद नहीं थे और इंग्लैंड ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया। यहां भी पहले टेस्ट में दर्शक नहीं थे और इंग्लैंड ने जीत हासिल की। लेकिन दूसरे मैच से दर्शकों को शामिल होने की मंजूरी दी गई और भारत ने वापसी की। मेरे ख्याल से दर्शकों के होने से प्रभाव पड़ता है। दर्शकों का असर इंग्लैंड पर पड़ा।”

मोटेरा में हुए तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की हार के बाद इंग्लैंड के कई पूर्व खिलाड़ियों ने पिच को लेकर सवाल खड़े किए थे। इस पर पनेसर ने कहा, “हार का कोई बहाना नहीं होता। भारत ने इस पिच पर अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन इंग्लैंड ऐसा नहीं कर सका। पिच को लेकर किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पिच में थोड़ी घास थी जो अच्छा था। जाहिर है कि भारत भी दो दिन में मैच खत्म करना नहीं चाहता होगा। असली बात ये है कि इंग्लैंड का कौशल भारत में थोड़ा कम है। इंग्लैंड को भविष्य में भारत दौरे पर जाने से पहले अच्छे से तैयारी करनी चाहिए। इंग्लैंड की तैयारी में कुछ कमी थी।”

पनेसर ने कहा, “इंग्लैंड की टीम कुछ हद तक रूट पर निर्भर थी। रूट के आउट होते ही टीम बिखर जा रही थी। रूट ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। रूट ऐसे खेल रहे थे जैसे कोई भारतीय बल्लेबाज यहां खेलता है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को कोचिंग प्रोग्राम में थोड़ा परिवर्तन करना चाहिए। उन्हें युवा बल्लेबाजों को सीखाना चाहिए कि भारत में स्पिन के खिलाफ किस तरह खेलते हैं। इंग्लैंड को भारत दौरे पर ज्यादातर स्पिन गेंदबाजों को खेलाना चाहिए था।”