युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी  © AFP
युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी © AFP

3 साल बाद वनडे टीम में शामिल किए गए युवराज सिंह को लेकर कप्तान विराट कोहली ने एक बड़ा बयान दिया है। विराट कोहली ने कहा कि टीम के मध्यक्रम को संतुलित करने और महेंद्र सिंह धोनी पर भार कम करने के लिए युवराज सिंह को भारतीय टीम में जगह दी गई है। आपको बता दें कि युवराज सिंह को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने भारतीय टीम में चुना है।

विराट कोहली ने कहा, ‘हमने युवराज को चुनने से पहले उनके अनुभव को ध्यान में रखा, साथ ही हम धोनी पर पूरा भार नहीं डालना चाहते थे। ऊपरी क्रम में मैं जिम्मेदारी निभा सकता हूं लेकिन मध्यक्रम में धोनी के अलावा एक और खिलाड़ी चाहिए था जो इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा सके। टीम मैनेजमेंट सही टीम के साथ इस सीरीज में उतरना चाहती थी क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले हमें सिर्फ एक ही वनडे सीरीज खेलनी है। अगर टीम का ऊपरी क्रम विफल हो जाता है तो ऐसे में पूरा भार धोनी के ऊपर आ जाता और साथ ही वह युवा खिलाड़ियों को भी सलाह देते रहते। ऐसा तब सही भी हो सकता था अगर बड़े टूर्नामेंट से पहले आपको पास 15-20 मैच होते। लेकिन अगर किसी बड़े टूर्नामेट से पहले आपके पास सिर्फ 3 ही मैच होंगे तो ऐसे में आपको अपनी पूरी शक्ति के साथ मैदान पर उतरना होता है।’ ये भी पढ़ें: 10 साल बाद टीम में बतौर खिलाड़ी खेलेंग महेंद्र सिंह धोनी

कोहली ने आगे कहा कि आपको भरोसा होना चाहिए कि जिन खिलाड़ियों को आपने टीम में जगह दी है वह अच्छी फॉर्म में हों। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने युवराज सिंह को वरीयता दी। युवराज ने हाल ही में घरेलू मैचों में शानदार खेल दिखाया है और जमकर रन बनाए हैं। इसलिए युवराज टीम के मध्यक्रम के लिए मजबूत साबित हो सकते हैं साथ ही उनके आने से धोनी पर अतिरिक्त दबाव कम होगा और वह खुलकर खेल सकेंगे। वहीं युवराज से हार्दिक पांड्या और केदार जाधव काफी कुछ सीखेंगे।