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दिल्ली से क्रिकेटप्रेमियों के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। दरअसल, शहर में प्रदूषण बढ़ने के कारण भारत और न्यूजीलैंड के बीच फिरोजशाह कोटला में खेला जाने वाला पहला टी20 खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। जैसा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत खराब और घातक बताया गया है। ऐसे में पर्यावरण प्रदूषण (बचाव एवं नियंत्रण) प्राधिकरण ने शहर में 17 अक्टूबर से 14 मार्च 2018 तक जेनरेटर के इस्तेमाल पर बैन लगाया हुआ है। ऐसे में फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले जाने वाले मैच में फ्लडलाइट कैसे जलेंगी इसको लेकर सवाल खड़ा हो गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी बीसीसीआई की जेनरेटर का इस्तेमाल करने की विनती को अस्वीकार कर दिया है।

ईपीसीए के चेयरमेन भूरा लाल ने लेटर में बताया है, “दुर्भाग्य से इस निवेदन पर हमारा सहमत होना संभव नहीं होगा क्योंकि डीजल जेनरेटर पर बैन इसलिए लगाया गया है क्योंकि दिल्ली में स्थिति भयावह है।” उन्होंने आगे कहा, “हमने आखिरी समय पर इस बात को साफ कर दिया है कि हम जेनरेटर सेट्स को वहां बैक-अप के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति तो देंगे लेकिन हम उनका इस्तेमाल नहीं करने देंगे क्योंकि हमें उम्मीद है कि पावर उपलब्ध रहेगी और इसलिए जेनरेटर सेट्स के इस्तेमाल की कोई जरूरत नहीं है।”

लाल ने फिर इंडियन एक्सप्रेस को बताया: “जब बिजली पूरी तरह से उपलब्ध है तो डीजल जेनरेटर की क्या जरूरत है? इसके पहले, हमने टूरिज्म मंत्रालय के ईवेंट के लिए डीजल इंजन के इस्तेमाल के लिए अनुमति नहीं दी थी।”

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वैसे बीसीसीआई ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। क्योंकि एक मैच के रद्द हो जाने से उन्हें तगड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। इस संबंध में एक शीर्ष बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, “हमें ईपीसीए के द्वारा बताया गया है कि दिल्ली पावर अथॉरिटी ने उन्हें बताया कि दिल्ली में बिजली की कोई कमी नहीं है। अब जिम्मेदारी DISCOMS पर है कि वह हमें बिनी किसी अवरोध के बिजली मुहैया कराए। हमारे ज्यादातर असोसिएशन जेनरेटर का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यही एक तरीका है जिसके माध्यम से हम इस बात से आश्वस्त हो सकते हैं कि बीच में लाइट नहीं जाएगी।”