विराट कोहली और शिखर धवन ने नेहरा को कंधों पर उठा लिया...© PTI
विराट कोहली और शिखर धवन ने नेहरा को कंधों पर उठा लिया…© PTI

टीम इंडिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया। फिरोजशाह कोटला मैदान पर उन्होंने अपने करियर का आखिरी मैच खेला जिसमें टीम इंडिया को 53 रन से जीत मिली। 1999 में अजहरूद्दीन की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू करने वाले नेहरा का करियर 18 साल लंबा रहा। हालांकि अपने आखिरी मैच में नेहरा विकेट नहीं ले पाए, और उन्होंने आखिरी मैच में चार ओवरों में 27 रन दिए, लेकिन असके बावजूद भी पूरा हिंदुस्तान नेहरा के सजदे में झुक गया। आपको बता दें आशीष नेहरा जब अपने करियर की आखिरी गेंद फेंकने जा रहे थे तभी एक प्रशंसक मैदान में घुस आया और उसने नेहरा के पांव भी छुए। इस दौरान पूरा स्टेडियम नेहरा-नेहरा की आवाज से गूंज रहा था। दर्शकों ने इस दौरान अपने मोबाइल की लाइट्स भी जलाए रखीं।

मैच के बाद आशीष नेहरा ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने मैदान का चक्कर लगाया। कुछ देर पैदल चलने के बाद दिल्ली के ही उनके दो जूनियर खिलाड़ी कप्तान कोहली और शिखर धवन ने उन्हें अपने कंधे पर बैठ लिया। आखिरी मैच में नेहरा का परिवार और उनके साथ खेलने वाले कई खिलाड़ी इस मौके पर मौजूद थे। मैच से पहले भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली की अगुवाई में टीम ने मैच से पहले उन्हें ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। नेहरा के संन्यास के बाद टीम इंडिया के मौजूदा खिलाड़ियों और पूर्व दिग्गजों ने सोशल मीडिया पर भी नेहरा को याद किया।

 

 

 

 

 

 

करियर के आखिरी मैच में आशीष नेहरा ने ली 'हैट्रिक'
करियर के आखिरी मैच में आशीष नेहरा ने ली 'हैट्रिक'

नेहरा का करियर चोटों से प्रभावित रहा, उनकी कुल 12 सर्जरी हुई जिसकी वजह से वो 17 ही टेस्ट मैच खेल सके जिसमें उन्होंने 44 विकेट लिए हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में खेला था। वनडे में नेहरा ने भारत के लिए 120 मैच खेले हैं और 157 विकेट लिए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 2001 में हरारे में अपना पहला मैच खेलने वाले नेहरा ने अपना आखिरी वनडे 2011 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 30 मार्च को खेला था। नेहरा को 2003 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में 6 विकेट लेने के लिए जाना जाता है। इस मैच में उन्होंने इंग्लैंड की कमर तोड़ दी थी और भारत को जीत दिलाई थी। इस विश्व कप में नेहरा, जहीर खान और जवागल श्रीनाथ की तिकड़ी ने भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की थी। (IANS के इनपुट के साथ)