रिद्धिमान साहा ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में नाबाद 54 और दूसरी पारी में नबााद 58 रन बनाए © AFP
रिद्धिमान साहा ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में नाबाद 54 और दूसरी पारी में नबााद 58 रन बनाए © AFP

जैसे ही रिद्धीमान साहा ने कोलकाता टेस्ट की दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया वैसे ही साहा ने उस उपलब्धि को हासिल कर लिया जो पिछले 55 सालों से एमएस धोनी, एडम गिलक्रिस्ट सरीखे विकेट कीपर बल्लेबाज भी नहीं कर पाए। रिद्धिमान साहा ने कोलकाता टेस्ट की दोनों पारियों में नाबाद अर्धशतक लगाया, साहा ने पहली पारी में नाबाद 54 और दूसरी पारी में नाबाद 58 रन बनाए।

1961 के बाद ये कारनामा करने वाले साहा पहले विकेट कीपर बल्लेबाज बन गए। इससे पहले ये कारनामा साल 1961 में वेस्ट इंडीज के विकेट कीपर बल्लेबाज जेरी एलेक्सेंडर ने किया था। जेरी एलेक्सेंडर 1961 में दोनों पारियों में नाबाद अर्धशतक लगाने वाले पहले विकेटकीपर बल्लेबाज बने थे। लेकिन अब 55 सालों बाद भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने उस रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए ये उपलब्धि हासिल की।

कोलकाता टेस्ट में साहा ने भारत को न सिर्फ संकट से निकाला बल्कि उस समय रन बनाए जब भारत को रनों की सख्त जरूरत थी। पहली पारी में रविचंद्रन अश्विन का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आए साहा के सामने चुनौती आसान नहीं थी। एक तरफ भारत के विकेटों के गिरने का सिलसिला जारी था तो दूसरी तरफ स्कोरबोर्ड में भी ज्यादा रन नहीं थे। ऐसे में साहा ने भारत के लिए एक उपयोगी पारी खेलकर पहली पारी में भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया और आखिर तक आउट नहीं हुए। ये भी पढ़ें: मुझपर अच्छे प्रदर्शन का कोई दबाव नहीं रहता: रोहित शर्मा

दूसरी पारी में भी जब साहा क्रीज पर आए तो भारत एक बार फिर लड़खड़ रहा था, साहा ने परिस्थितियों को समझते हुए खेल दिखाया। साहा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारत के स्कोर को आगे बढ़ाते रहे और अर्धशतक लगाया। साहा के अर्धशतक की मदद से भारत न्यूजीलैंड पर भारी भरकम बढ़त बनाने में कामयाब रहा। साहा ने जिस तरह की बल्लेबाजी की है उससे टीम का भरोसा उनपर और बढ़ा है। साहा ने जिस तरह से यह उपलब्धि अपने नाम की है उससे भविष्य में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।