तीसरे वनडे में भी विलियम्सन से टीम को ढेरों उम्मीदें होंगी  © Getty Images
तीसरे वनडे में भी विलियम्सन से टीम को ढेरों उम्मीदें होंगी © Getty Images

भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे मैच में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को बेहद रोमांचक मुकाबले में 6 रनों से हराकर पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली। टेस्ट सीरीज हारने के बाद पहला वनडे भी गंवाने वाली न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे में वापसी की और भारत को पटखनी देने में कामयाबी पाई। कीवी टीम को अगर सीरीज में बढ़त बनानी है तो उसे टीम को और अच्छा प्रदर्शन करना होगा। और टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को अपनी चमक दिखानी होगी। आइए देखते है कि कीवी कप्तान दूसरे वनडे के लिए किन खिलाड़ियों को टीम में जगह दे सकते हैं।

शीर्ष क्रम:

न्यूजीलैंड टीम के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल और टॉम लेथम बिल्कुल ही विपरीत स्थितियों में हैं, जहां एक तरफ गप्टिल टेस्ट से लेकर वनडे सीरीज तक अपने रंग में नहीं लौटे हैं तो वहीं दूसरी ओर लेथम अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो हर मैच में अच्छा प्रदर्शन कर रहें हैं। पहले वनडे में भी लेथम ने ही एक छोर से पारी को संभाले रखा था जब दूसरी तरफ से विकेट लगातार गिर रहे थे, वहीं दूसरे वनडे में भी लेथम ने विलियम्सन के साथ मिलकर पारी को संभाला था। लेकिन गप्चिल का न चलना टीम के लिए चिंता का सबब है, वक्त आ गया है कि गप्टिल अपने बल्ले से कमाल दिखाएं और कीवी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाएं।

कप्तान विलियमसन गप्टिल के शानदार रिकॉर्ड पर भरोसा करते हुए उन्हें वनडे तीसरे वनडे में भी जगह देंगे, गप्टिल काफी बड़े बल्लेबाज हैं और विलियमसन ये बखूबी जानते हैं। इसलिए ये कहा जा सकता है कि कोटला वनडे में भी लेथम और गप्टिल की जोड़ी देखने को मिलेगी। वहीं तीसरे नंबर पर कप्तान विलियमसन ही रहेंगे। पहले वनडे में भले ही वह रन नहीं बना सके हों लेकिन दूसरे वनडे में विलियम्सन ने शानदार शतक ठोककर ये जता दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा पीढ़ी का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज कहा जाता है।

मध्य क्रम:

मध्य क्रम में कोरी एंडरसन, रॉस टेलर और ल्यूक रॉन्की टीम में मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे। रॉस टेलर की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय है टेस्ट सीरीज से लेकर अब तक टेलर का बल्ला खामोश ही रहा है, वहीं एंडरसन की वनडे टीम में वापसी हुई है, लेकिन वह अब तक अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो सके हैं। वहीं रॉन्की की बात करें तो चेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी करने वाले रॉन्की को वनडे में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। फिलहाल रॉस टेलर को टीम से नहीं निकाल जा सकता। एंडरसन को अभी दो ही मैच खेलने को मिले हैं इस वजह से उन्हें एक और मौका दिया जाना तय है। वहीं रॉन्की का प्रदर्शन अब तक ठीक ही रहा है और वह अच्छे विकेटकीपर भी हैं इसलिए टीम में उनकी जगह पक्की है। अब तक के हालात से यही लग रहा है कि कीवी टीम के मध्यक्रम में ज्यादा बदलाव संभव नहीं है।

निचला क्रम:

मौजूदा हालत में न्यूजीलैंड टीम के पुछल्ले बल्लेबाज प्रमुख बल्लेबाजों से अच्छा प्रदर्शन कर रहें हैं। चाहे वह टेस्ट सीरीज में ट्रेंट बोल्ट, मिचेल सैंटेनर और जेम्स नीशम हों या वनडे में टिम साउदी। तीसरे वनडे में भी निचले क्रम में मिचेल सैंटेनर पर दारोमदार होगा तो साऊदी से एक बार उम्मीदें होंगी। पहले वनडे में टिम साउदी ने 55 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली थी जिसे ध्यान में रखकर ये कहा जा सकता है कि उन्हें सैंटेनर के बाद भेजा जा सकता है। कप्तान विलियमसन को उम्मीद रहेगी कि मैच में उन्हें पुछल्ले बल्लेबाजों की जरूरत न पड़े और शीर्ष क्रम रन बनाए।

स्पिन गेंदबाजी:

स्पिन गेंदबाजी के लिए मिचेल सैंटेनर कीवी टीम के प्रमुख गेंदबाज रहेंगे। सैंटेनर का साथ देंगे पहले मैच में अपना प्रभाव छोड़ने वाले गेंद अंतोन डेवकिक, दोनों गेंदबाज मिलकर न्यूजीलैंड को एक बार फिर मैच जिताने की कोशिश करेंगे। सैंटर ने दूसरे मैच में भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था ऐसे में एक बार फिर वह स्पिन में तुरुप का इक्का हो सकते हैं।

तेज गेंदबाजी:

धर्मशाला और दिल्ली की तरह मोहाली में भी पिच तेज गेंहबाजों के लिए मददगार हो सकती है, पंजाब में भी ठंड की शुरुआत हो चुकी है। इसलिए न्यूजीलैंड एक बार फिर टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट और मेट हेनरी पर भरोसा कर सकता है। दूसरे वनडे में इस तिकड़ी ने गजब की गेंदबाजी की थी और भारतीय पारी को तहस-नहस कर दिया थी। तेज गेंदबाजों ने शुरू से ही भारतीय टीम पर दबाव बना दिया था लगातार अंतराल में भारत के विकेट लेने में कामयाबी हासिल की थी। ऐसे में विलियम्सन तेज गेंदबाजी में कोई भी बदलाव नहीं करेंगे।

अंतिम एकादश कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:

मार्टिन गप्टिल, टॉम लेथम, केन विलियमसन, रॉस टेलर, कोरी एंडरसन, ल्यूक रॉन्की, मिचेल सैंटेनर, टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, मेट हेनरी, अंतोन डेवकिक।