India vs New zealand 3rd T20 (Women): India ready to salvage pride in final game
Mithali-Raj-Smriti-Mandhana_@ AFP

भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को जब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे और अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मैदान में उतरेगी तो उसकी कोशिश सांत्वना जीत दर्ज कर आत्मसम्मान बचाने की होगी।

कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम पिछले मैच में बल्लेबाजी विभाग में सुधरे प्रदर्शन को इस मैच में भी जारी रखना चाहेगी।

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वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने वाली भारतीय टीम तीन मैचों की टी-20 सीरीज में लय बरकरार नहीं रख सकी और शुरुआती दो मैच गंवा कर सीरीज भी हार गई।

मिताली को बाहर रखने का फैसला उत्‍साहजनक नहीं रहा

आईसीसी टी-20 विश्वकप के लिए टीम तैयार करने की बात ध्यान में रखते हुए भारत ने पहले दो मैचों में अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज को मौका नहीं दिया। यह तो आने वाले समय में ही पता चल पाएगा कि टीम प्रबंधन को इस फैसले से फायदा होता है या नहीं, लेकिन पहले दो मैचों के नतीजे को देखें तो यह फैसला उत्साहजनक नहीं रहा। भारतीय टीम पहला मैच 23 रन और दूसरा मैच चार विकेट से हार गई।

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सीरीज गंवाने के बाद हरमनप्रीत ने कहा था, ‘हम टीम तैयार कर रहे हैं। आज भले ही दिक्कतें हैं लेकिन भविष्य में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे जब इन खिलाड़ियों को अनुभव हो जाएगा।’ इन दोनों मैचों में भारतीय टीम 140 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी जिसे न्यूजीलैंड जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ कम स्कोर माना जाता है।

मध्‍यक्रम का ना चलना टीम के लिए चिंता का विषय

टीम के साथ सबसे बड़ी समस्या मध्यक्रम के बल्लेबाजों का रन नहीं बनना है। स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्‍स पहले दो मैचों में टीम की शीर्ष स्कोरर रही। सीरीज के पहले मैच में पदार्पण करने वाली प्रिया पूनिया की बल्लेबाजी में अनुभव की कमी साफ दिखी लेकिन टीम को सबसे ज्यादा निराशा कप्तान हरमनप्रीत के खराब प्रदर्शन से हुई है। भारतीय कप्तान ने सीरीज के पहले दो मैचों में क्रमश: 17 और पांच रन की पारी खेली। उनकी खराब बल्लेबाजी का एक कारण एकदिवसीय सीरीज के दौरान बल्ले से ज्यादा मौका नहीं मिलना भी है।

उन्होंने कहा, ‘हमने सीरीज भले ही नहीं जीती लेकिन बहुत कुछ सीखा। हमारे पास युवा टीम है और बहुत कम खिलाड़ी 30 से अधिक मैच खेले हैं। अधिकांश खिलाड़ियों ने दस से कम टी20 खेले हैं लिहाजा हमने काफी कुछ सीखा।’

दीप्ति शर्मा रन रोकने में असफल रहीं 

टीम के लिए दीप्ति शर्मा की भूमिका का निर्धारण भी बड़ी समस्या रही है। ऑफ स्पिनर के तौर पर वह राधा यादव की तरह रन रोकने में असफल रही हैं। वह लेग स्पिनर पूनम यादव की तरह आक्रामक गेंदबाजी भी नहीं कर पा रही है।

बाएं हाथ की बल्लेबाज के तौर पर वह अंतिम ओवरों में बड़े शॉट खेलने में भी नाकाम रही हैं।

वनडे सीरीज के पहले दो मैचों को गंवाने के बाद वाइट फर्न्स (न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम) लगातार तीन मैच जीतने में सफल रही। तीसरे वनडे में 57 रन बनाने वाली अनुभवी सुजी बेट्स ने दूसरे टी-20 में मैच जीतने वाली 62 रन की पारी खेली।

भारत :

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, मिताली राज, जेमिमा रोड्रिग्‍स, दीप्ति शर्मा, तानिया भाटिया, पूनम यादव, राधा यादव, अनुजा पाटिल, एकता बिष्ट, डायलान हेमलता, मानसी जोशी, अरूंधती रेड्डी, शिखा पांडे, प्रिया पूनिया।

न्यूजीलैंड :

एमी सैटर्थवेट (कप्तान), सूजी बेट्स, बर्नाडाइन बी, सोफी डेवाइन, हीली जेंसन, कैटलिन गुरी, ले कास्पेरेक, अमेलिया केर, फ्रांसिस मैके, केटे मार्टिन, रोसमरी मायर, हन्ना रोव, लिया ताहूहू।

(इनपुट-भाषा)