टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में ही शतक जड़कर अपना दमखम दिखा दिया है. भारतीय टीम कानपुर के ग्रीन पार्क मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेल रही है. मैच की पहली पारी में भारत अय्यर के शतक की बदौलत 300 रन का आंकड़ा पार कर चुका है. अय्यर के लिए यह मैदान अब और भी खास हो गया है. आज से 7 साल पहले 19 साल के अय्यर जब मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी का एक मैच खेल रहे थे, तब उन्हें यहां अपने कोच प्रवीण आमरे (Praveen Amre) से गालियां पड़ी थीं और आज इसी मैदान पर उन्होंने शतक जमाया है.

इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का ऐलान हुआ तो श्रेयस अय्यर (SHreyas Iyer) को यहां मौका मिला. कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने उन्हें प्लेइंग XI में मौका दिया और बस फिर अय्यर ने खुद को साबित करने का यह मौका नहीं गंवाया. उन्होंने 171 गेंदों की अपनी पारी में 13 चौके और 2 छक्कों की मदद से 105 रन बनाए.

अय्यर के इस डेब्यू शतक के बाद कानपुर में 7 साल पहले मुंबई के रणजी ट्रॉफी मैच की यादें ताजा हो गईं. तब साल 2014 में मुंबई की टीम रणजी ट्रॉफी के 4 दिवसीय मुकाबले में उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेलने उसके घर आई थी.

मुंबई उस सीजन शुरुआत में मुश्किलों में थी. अय्यर तब अपने पहले दो मैचों में फ्लॉप हो गए थे और मंबई को पहली जम्मू कश्मीर ने मात दी थी, जबकि रेलवे ने भी पहली पारी के आधार पर बढ़त बनाकर अंक हासिल कर लिए थे.

यहां से अय्यर के प्लेइंग XI में होने पर सवाल उठ रहे थे और कोच प्रवीण आमरे की नौकरी भी मुश्किल में दिख रही थी. इस बीच मैच के दौरान अय्यर की बैटिंग से पहले जब मुंबई मुश्किल में फंस गई तो कोच आमरे ने अय्यर को डांट लगाते हुए गालियां दीं. उन्होंने कहा था, ‘साले कुछ कर बाहर बैठकर लोगों के लिए तालियां बजा रहा है. वहां जाकर खेल और लोग तेरे लिए तालियां बजाएंगे.’

कोच से गालियां खाने के बाद जब अय्यर की बैटिंग आई तो उन्होंने इस बार अपने कोच को निराश नहीं किया. ग्रीन पार्क के मैदान पर उन्होंने प्रवीण कुमार और अंकित राजपूत जैसे गेंदबाजों का डटकर सामना किया. यूपी ने मुंबई के खिलाफ पहली पारी में 206 रन बनाए थे. इसके जवाब में मुंबई ने सिर्फ 53 रन पर अपने 5 विकेट गंवा दिए. अय्यर इस मैच में अपनी किट भी होटल में ही भूल गए थे. आमरे गुस्से से लाल थे और तब अय्यर ने शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) की किट इस्तेमाल कर बैटिंग पर पहुंच गए और यहां 75 रनों की शानदार पारी खेलकर मुंबई को इस मैच से सुरक्षित निकाल दिया.

इसके बाद अय्यर ने रुकने का नाम नहीं लिया और साल दर साल मुंबई के लिए रनों का पहाड़ खड़ा करने लगे. इसके दम पर उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में खेलने का मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक जड़कर अपने लिए यह मैदान खास बना लिया है.