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लाल कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी करना बड़ी चुनौती होगी: भुवनेश्वर कुमार

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का पहला मैच 5 जनवरी से न्यूलैंड्स में खेला जाएगा

Edited By : Cricket Country Staff |Jan 01, 2018, 11:25 AM IST

Published On Jan 01, 2018, 11:25 AM IST

Last UpdatedJan 01, 2018, 11:25 AM IST

भुवनेश्वर कुमार © AFP

भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने से पहले कई दिग्गजों ने ये भविष्यवाणी की थी कि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार इस दौरे पर टीम इंडिया के सबसे अहम गेंदबाज साबित होंगे। भुवनेश्वर दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर बल्लेबाजों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। भुवी का भी मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में ‘अतिरिक्त उछाल’ मिलना अच्छा बदलाव है लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि लाल कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण होगा।

कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी करना चुनौती

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भुवनेश्वर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘जब आप दक्षिण अफ्रीका का दौरा करते हो तो आपके दिमाग में सबसे पहली चीज आती है ‘उछाल भरा विकेट’ लेकिन फिर भी यह निश्चित नहीं होता कि आपको मैच में किस तरह की पिच मिलेगी।’’ जहां बल्लेबाजों को उछाल भरी पिच पर अनुकूलित होने में दिक्कत होगी तो गेंदबाजों को कूकाबूरा से गेंदबाजी करने में सामंजस्य बिठाना होगा। भुवनेश्वर ने आगे कहा, ‘‘जब बल्लेबाजों की बात होती है तो उछाल से निपटना काफी अहम है। लेकिन गेंदबाजों के लिये भी यह महत्वपूर्ण होता है। कूकाबूरा से गेंदबाजी करना सबसे कठिन है। 25-30 ओवर के बाद यह ज्यादा कुछ नहीं करती, इसलिये हम इस तरह के हालात के अनुसार तैयारी की कोशिश कर रहे हैं।’’

कल दो शिफ्ट में हुए शुरूआती अभ्यास सेशन के बाद भारतीय टीम ने वेस्टर्न प्रोविंस क्रिकेट क्लब में हवा और नमी भरे मौसम के कारण इंडोर अभ्यास किया। भारतीय तेज गेंदबाजों का ध्यान अभी लंबे स्पैल करने पर लगा हुआ है क्योंकि पांच जनवरी से न्यूलैंड्स में शुरू होने वाले पहले टेस्ट के बाद से उन्हें पूरी सीरीज में लंबे स्पैल में गेंदबाजी करनी होगी।

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