साभार-पीटीआई
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श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में भले ही टीम इंडिया ने अबतक जबर्दस्त प्रदर्शन किया है और दोनों मुकाबलों में जीत हासिल की है लेकिन एक सच ये भी है कि वानखेड़े स्टेडियम में उसके सिर पर हार का ‘कलंक’ लगा हुआ है। टीम इंडिया मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक भी टी20 मैच नहीं जीत सकी है। यहां टीम इंडिया ने दो टी20 मैच खेले हैं और दोनों में उसे हार मिली है। टीम इंडिया ने वानखेड़े में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज से खेले गए मुकाबले गंवाए हैं।

साल 2012 में टीम इंडिया वानखेड़े मैदान पर इंग्लैंड से भिड़ी थी और उसे 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 31 मार्च 2016 को हुए वर्ल्ड टी20 के सेमीफाइनल मैच में भी उसे वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को 7 विकेट से हरा दिया था। अब टीम इंडिया को श्रीलंका से भिड़ना है, देखना ये है कि क्या टीम इंडिया वानखेड़े में चल रहे हार के सिलसिले को तोड़ पाएगी या फिर उसे हार की हैट्रिक का सामना करना पड़ेगा।

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वानखेड़े में कैसे मिलेगी जीत

वानखेड़े में खेले गए मुकाबलों में देखा जाता है कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ज्यादा हावी रहती है। ऐसे में इस मैदान पर टॉस बेहद अहम साबित होता है। रोहित शर्मा को सिक्के की बाजी जीत पहले गेंदबाजी का फैसला लेना चाहिए। वैसे टॉस किसी के हाथ में नहीं होता और अगर टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करती है तो उसे इंदौर टी20 की तरह विशाल स्कोर बनाना होगा जिससे बाद में बल्लेबाजी करने वाली श्रीलंकाई टीम पहले ही दबाव में आ जाए। वैसे टीम इंडिया के गेंदबाजों को ड्यू में गेंदबाजी करने का खासा अनुभव है। स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने गीली गेंद से पिछले दो टी20 में टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई है। वानखेड़े में भी टीम इंडिया को इन दोनों गेंदबाजों से यही उम्मीद होगी।