भुवनेश्वर कुमार और एमएस धोनी © IANS
भुवनेश्वर कुमार और एमएस धोनी © IANS

एमएस धोनी और भुवनेश्वर कुमार ने आठवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाते हुए टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में 3 विकेट से जीत दिलवा दी। लेकिन ये जीत टीम इंडिया की नहीं होती अगर पारी के 35वें ओवर में एमएस धोनी का भाग्य साथ न देता। अगर ऐसा हो जाता तो टीम इंडिया निश्चिततौर पर मैच हार जाती। 35वें ओवर की दूसरी गेंद पर विश्वा फर्नांडो ने एमएस धोनी का विकेट लगभग ले ही डाला था।

दरअसल एक सीधी गेंद धोनी के पैड से लगकर स्टंप की ओर जाने लगी लेकिन गेंद की तेजी तब तक कम हो गई थी और गेंद के स्टंप पर लगने के बावजूद गिल्लियां नहीं गिरी। इस तरह से धोनी बाल-बाल आउट होने से बचे। दरअसल इस गेंद को धोनी ऑन साइड में खेलना चाहते ते लेकिन गेंद उनके शरीर से लगी और स्टंप्स की ओर चली गई। सौभाग्य से कोई नुकसान नहीं हुआ।

इसके पहले पहली पारी के बाद बारिश ने मैच में खलल डाला और जिसके बाद भारत के लिए लक्ष्य को 47 ओवरों में 231 रन कर दिया गया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने भारत को बेहतरीन शुरुआत दिलाई और दोनों बल्लेबाजों ने आते ही तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए। इस दौरान रोहित कुछ ज्यादा ही आक्रामक होकर खेल रहे थे। रोहित ने श्रीलंका में अपना दूसरा अर्धशतक ठोका और अपने वनडे करियर का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। रोहित और धवन ने पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। इसी स्कोर पर भारत का पहला विकेट गिर गया और रोहित (54) रन बनाकर आउट हो गए।

पहला विकेट गिर जाने के बाद विकेटों की झड़ी लग गई और भारत का स्कोर 109/1 से 131/7 हो गया। भारत की इस हालत के लिए श्रीलंका के अकिला दनंजया जिम्मेदार रहे। दनंजया ने पहले अपने तीसरे ओवर में रोहित शर्मा (54) का विकेट निकालकर अपने खाते में पहला विकेट जोड़ा।

3 ओवर के बाद दनंजया के आंकड़े (3-0-19-1) थे। इसके बाद दनंजया ने अपने अगले ओवर में विकेटों की झड़ी लगा दी और 3 विकेट झटक डाले। दनंजया ने पहली गेंद पर जाधव (1), फिर तीसरी गेंद पर कोहली (4) और फिर पांचवीं गेंद पर राहुल (4) को आउट कर एक ही ओवर में 3 विकेट ले लिए।

 

खास बात ये रही कि दनंजया ने इन तीनों ही खिलाड़ियों को बोल्ड किया। इस ओवर के बाद दनंजया के गेंदबाजी आंकड़े (4-0-24-4) हो गया। दनंजया का करिश्मा यहीं नहीं रुका। अगले ओवर में दनंजय ने फिर से अपना कमाल दिखाया और उन्होंने पांड्या (0) को स्टंप आउट करा अपना पांचवां विकेट भी हासिल कर लिया। भारत के 6 विकेट गिरे थे और उनमे से 5 विकेट दनंजय ने लिए थे।  [ये भी पढ़ें: हर एक रन के बाद धोनी दे रहे थे भुवनेश्वर कुमार को समझाइश, ऐसे मैच जीता भारत]

दनंजया ने फिर से अपना कमाल दिखाया और अगले ओवर में अक्षर पटेल को भी बोल्ड कर अपना छठा विकेट हासिल कर लिया। हालांकि 131 रनों पर 7 विकेट गिर जाने के बाद धोनी और भुवनेश्वर ने पारी को संभाला और दोनों बल्लेबाजों ने सोच समझकर बल्लेबाजी की। दोनों ने स्कोर को 150 और फिर 200 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा दोनों ने श्रीलंका में आठवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 100* रनों की साझेदारी भी की। अंत में दोनों बल्लेबाजों ने भारत को जीत दिलाकर दी और भारत ने सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली।