India vs Sri Lanka: First goal is to win Kolkata Test, says Wriddhiman Saha
ऋद्धिमान साहा © AFP

भारतीय विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा का कहना है कि श्रीलंका के खिलाफ उनकी टीम का पहला लक्ष्य ईडन गार्डन्स में होने वाले पहले टेस्ट मैच को जीतना है ताकि तीन मैचों की सीरीज के लिये लय हासिल की जा सके। साहा ने कोलकाता टेस्ट से पहले भारतीय टीम के अभ्यास सत्र के बाद कहा, ‘‘हमने अभी तक विकेट नहीं देखा है लेकिन पहला लक्ष्य शुरूआती टेस्ट मैच जीतना और सीरीज के लिये लय हासिल करना है।’’ भारतीय टीम की नजर अभी दक्षिण अफ्रीकी सीरीज पर नहीं है जो अगले साल छह जनवरी से केपटाउन में शुरू होनी है। साहा ने कहा कि टीम एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रही है।

एक समय पर एक टेस्ट मैच

उन्होंने कहा, ‘‘हर मैच अहम है और एक अलग तरह की चुनौती पेश करता है। तैयारियों जैसी कोई बात नहीं है। हम एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रहे हैं। अगर हम यहां पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के बारे में सोचेंगे।’’

ना गेंद बल्ले से लगी, ना विरोधी टीम ने अपील की, फिर भी आउट हो गया बल्लेबाज!
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रविचंद्रन अश्विन दूसरों से अलग

अन्य स्पिनरों की तुलना में रविचंद्रन अश्विन को ऊपर रखने वाले साहा ने कहा कि इस ऑफ स्पिनर के सामने विकेटकीपिंग करना चुनौती होती है क्योंकि वह वैरिएशन के साथ गेंदबाजी करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अश्विन दूसरों से बढ़कर है। वह वैरिएशन के साथ गेंदबाजी करता है और इसके अलावा उसकी लेंथ भी अलग होती है। उसके पास रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव की तुलना में अधिक वैरीएशन है। हमने रणजी, भारत ए और अभ्यास के दौरान कई मैच खेले हैं। आप जितनी अधिक विकेटकीपिंग करोगे आपकी समझ उतनी बेहतर बनेगी। एक समय के बाद ये आसान बन जाता है। मैं अपने सभी 28 टेस्ट मैचों के दौरान उनके साथ खेला हूं।’’

कैसे करते हैं अच्छी विकेटकीपिंग

भारत ने तीन स्पिनरों अश्विन, बाए हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा और बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को टीम में चुना है और तीनों ही एक दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। साहा ने कहा, ‘‘आपका आधा काम गेंद छोड़ते समय गेंदबाज के हाथ का अनुमान लगाने से पूरा हो जाता है। इसके बाद आप देखते हो कि पिच से कितनी उछाल और टर्न मिल रहा है। पिच टर्न ले रही हो या नहीं सभी गेंदों को रोकना सबसे बड़ी चुनौती होती है।’’

तेज गेंदबाजों में साहा ने इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी का नाम लिया जो स्विंग गेंदबाजों की तुलना में अधिक चुनौती देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गेंद जब बल्लेबाज के पास से निकलती है तो उसकी गति में अंतर पड़ता है और यह विकेटकीपरों के लिए मुश्किल बन जाती है। लेकिन स्विंग गेंदबाजों जैसे उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार के सामने ज्यादा परेशानी नहीं आती।”

क्या तीन स्पिनरों के साथ उतरेगी टीम इंडिया

साहा ने कहा, ‘‘इसका फैसला हम विकेट देखकर करेंगे और यह आकलन करेंगे कि कौन गेंदबाज इस विकेट से अधिक मदद हासिल कर सकता है।’’

क्या टेस्ट में पूरी कर पाते हैं महेंद्र सिंह धोनी की कमी

महेंद्र सिंह धोनी ने भले ही कप्तानी छोड़ दी हो लेकिन सीमित ओवरों में अब भी उन्हें विकेट के पीछे से फील्ड लगाते हुए देखा जा सकता है और साहा ने भी कहा कि वह भी कप्तान को सलाह देते रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीम मैनेजमेंट ने फैसला किया है कि कोई भी फीडबैक दे सकता है। कोहली आमतौर पर स्लिप के आसापास रहते हैं और इसलिए मैं उन्हें अपनी सलाह देता रहता हूं लेकिन आखिर में फैसला कप्तान को ही करना पड़ता है। ये बात पूरे विश्वास और फिर उससे कप्तान को भरोसा दिलाने से जुड़ी है। आपको कभी किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।’’