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हाल ही में इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने बीसीसीआई को लिखे गए खत में कहा है कि दिल्ली में आयोजित किया गया टेस्ट मैच खराब परिस्थितियों में खेला गया। वहीं श्रीलंका के मैनेजर असंका गुरुसिंहा ने आईसीसी से कहा कि भविष्य में एयर-क्वालिटी मीटर लगाए जाएं। खराब प्रदूषण के बीच दिल्ली के आयोजन को लेकर दोनों देशों ने बीसीसीआई को तोहमत भेजी है। इसके साथ ही श्रीलंका टीम के मैनेजर असंका गुरुसिंहा और इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने इन परिस्थितियों को आदर्श से बहुत दूर बताया।

वहीं आईएमए ने बीसीसीआई और विनोद राय, सुप्रीम कोर्ट के द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति के अध्यक्ष को खत भेजते हुए लिखा है कि ऐसी परिस्थिति में भारत और श्रीलंका टेस्ट मैच को आयोजित किए जाने से परेशानी हुई। गुरुसिंहा ने आईसीसी से भविष्य में एयर-क्वालिटी मीटर लगाने के लिए कहा है।

गुरुसिंहा ने आगे कहा कि दोनों भारत और श्रीलंका के ड्रेसिंग रूम में ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने मुंबई मिरर से बातचीत में कहा, “खिलाड़ियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी इसलिए हमने ऑक्सीजन सिलेंडर्स का इस्तेमाल किया। इसके बारे में हमें डॉक्टरों ने सलाह दी थी। यहां तक कि भारतीय टीम भी ड्रेसिंग रूम में ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल कर रही थी।”

ये मामला आईसीसी तक पहुंच गया है। प्रवक्ता ने कहा, “आईसीसी ने उन परिस्थतियों को नोट कर लिया है जिनमें दिल्ली टेस्ट खेला गया और पहले से ही कह दिया है कि इस मामले की जांच मेडिकल कमिटी करे। इस मुद्दे पर चर्चा फरवरी में होने वाली आईसीसी मीटिंग में हो सकती है।”

पीटीआई के मुताबिक, आईएमए के प्रेसीडेंट केके अग्रवाल ने कहा कि जिन परिस्थितियों में मैच आयोजित किया गया वो यह संदेश देता है कि पीएम (पर्टिकुलेट मैटर) 2.5 लेवल्स जो 300 से ज्यादा था उस दौरान भी बच्चों के लिए बाहर क्रिकेट खेलना सुरक्षित था। अग्रवाल ने बीसीसीआई को लिखे अपने पत्र में कहा है, “मैच के आयोजित करने करने के लिए निर्धारित की जाने वाली परिस्थितियों के लिए लाइट और बारिश को मापा जाता है, हमें लगता है कि मैच को निर्धारित करने के लिए वातावरण के प्रदूषण को भी मापा जाना चाहिए।”

अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए अफगानिस्तान टीम में शामिल हुआ 16 साल का तूफानी गेंदबाज
अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए अफगानिस्तान टीम में शामिल हुआ 16 साल का तूफानी गेंदबाज

इस बात पर तर्क देते हुए कि वायु प्रदूषण खिलाड़ी के प्रदर्शन को गिराने में अहम कारक साबित हो सकता है। अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली में खराब हवा होने की वजह से फेफड़े या हृदय रोगों के होने के जोखिम बढ़ सकते हैं जो जिंदगी के लिए खतरनाक हो सकते हैं। एटमोसफेरिक पर्टिकुलेट मैटर के लिए सेफ लेवल, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की एयर क्वालिटी गाइडलाइन के मुताबिक 20 ग्राम/सीयू एमएम (एनुअल मीन) पीएम10 के लिए और 10ग्राम/सीयू एमएम (एनुअल मीन) पीएम 2.5 के लिए है। अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स 151 से 200 के बीच में है, तो इस बारे में सलाह दी जाती है कि बाहर जाकर व्यायाम न करें।

दिल्ली के प्रदूषित वातावरण से सबसे पहले खिलाड़ियों को टेस्ट मैच के दूसरे दिन परेशानी हुई थी जब लंच के बाद 5 श्रीलंकाई खिलाड़ी मास्क पहनकर फील्डिंग करने आए थे। इस दौरान 22 मिनट के अंतराल में दो बार खेल रोका गया। इस दौरान दो तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल और लाहिरू गमागे जूझते नजर आए थे। बाद में लकमल और भारत के मोहम्मद शमी को मैदान से बाहर जाना पड़ा था।

हालांकि, टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाड़ियों पर बहाना बनाने का आरोप लगाया था और साथ ही उनकी खराब फिटनेस पर भी बट्टा लगाया था। भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने तो उनके गेंदबाजों की फिटनेस पर ही सवाल उठा दिए थे। हालांकि, बाद में ओपनर शिखर धवन ने कहा था कि मेहमानों ने हो सकता है कि प्रदूषण के कारण परेशानी महसूस की हो।

पिछली कुछ सर्दियों से दिल्ली में प्रदूषण चिंता का कारण रहा है। इस साल नवंबर में सरकार ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा करते हुए एक हफ्ते के लिए स्कूलों को बंद करने की घोषणा की थी। वहीं दिल्ली हाफ मैराथन करीब-करीब बंद रखी गई। टेस्ट मैच के दौरान, दिल्ली की कुछ जगहों में एयर क्वालिटी खतरनाक दिखाई दी।