लसिथ मलिंगा © AFP
लसिथ मलिंगा © AFP

श्रीलंका को भारत के हाथों कोलंबो में खेले गए चौथे वनडे मैच में 168 रनों के विशाल अंतर से हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका की रनों के अंतर से अपने घर में यह सबसे बड़ी हार है। इस मैच में श्रीलंकाई टीम की अगुआई कर रहे लसिथ मलिंगा इस बात से खासे निराश नजर आए। मैच के बाद अपने भविष्य पर मिश्रित प्रतिक्रिया देते हुए मलिंगा ने अपने रिटायरमेंट की ओर इशारा कर दिया। उन्होंने इस मैच में अपना 300वां वनडे विकेट लिया। इस दौरान उन्होंने विराट कोहली को आउट किया।

मलिंगा ने कहा, “जिम्बाब्वे और भारत के खिलाफ सीरीज में मैं अच्छा नहीं खेला। मैं देखूंगा कि इस सीरीज के बाद मैं क्या करूंगा। मैं इस बात का मूल्यांकन करूंगा कि मेरे शरीर को देखते हुए मैं कितने लंबे समय तक खेल सकता हूं। यह मायने नहीं रखता कि मैं कितना अनुभवी हूं, अगर मैं अपनी टीम के लिए मैच नहीं जीत सकता तो मेरा यहां रहने का कोई मतलब नहीं है। अगर मैं वो नहीं कर पाया तो मैं खुशी-खुशी संन्यास ले लूंगा।”

गैर अनुभवी टीम को बताया मलिंगा ने हार का कारण: मलिंगा अपने करियर में ज्यादातर समय उन क्रिकेटरों के साथ खेले जिनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव था और अब वह उस टीम के साथ खेल रहे हैं जिसमें बहुत कम के पास 50 से ज्यादा वनडे मैच खेलने अनुभव है। उदाहरण के तौर पर चौथे वनडे मैच में खेलने वाले 11 खिलाड़ियों में से 8 खिलाड़ियों ने 37 या उससे कम वनडे मैच खेले थे। जिसमें से 5 ने तो 10 से से भी कम वनडे मैच खेले थे।

इस बड़ी हार के बाद मलिंगा ने कहा, “जो मैं व्यक्तिगत स्तर पर सोचता हूं वह है कि हमने खिलाड़ियों की पीढ़ी को खो दिया है। अगर वह पीढ़ी यहां होती, तो हमारे पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की गैर-अनुभवी टीम नहीं होती। हमारे पास चमारा सिल्वा, थिलन कादंबी, जेहान मुबारक, मलिंगा बंडारा, कौशल लौक्युराचिची, कौशाल्या वीरारत्ने, थरंगा परानावितारना और मलिंदा वर्नापुरा जैसे खिलाड़ी थे।”

“इन खिलाड़ियों ने 29 से 30 साल तक की उम्र तक 10 साल तक घरेलू क्रिकेट खेला। इसके बाद वे 3 से 4 सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले और इसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय सीन से बाहर हो गए। हमने उनसे 10-12 साल का अनुभव खो दिया। स्कूल से निकले हुए य क्लाब से निकले हुए क्रिकेटरों के लिए वह अनुभव हासिल करना बहुत कठिन होता है।”

मलिंगा ने कहा कि टीम को है अनुभव की जरूरत: गुरुवार के मैच में मलिंगा श्रीलंका टीम की ओर से खेल रहे क्रिकेटरों में 30 साल से ज्यादा की उम्र के एकमात्र क्रिकेटर थे। मलिंगा ने कहा, “जब मैंने 2004 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब टीम में सात से आठ अनुभवी क्रिकेटर हुआ करते थे। कुछ साल पहले हमने उन्हें खो दिया। अब हमारी क्रिकेट नकारी जा रही है। हमें अनुभव की जरूरत है- बल्कि दुनिया की हर टीम को उनकी प्लेइंग इलेवन में अनुभव की जरूरत होती है।” [भारत बनाम श्रीलंका, चौथा वनडे, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें]

अन्य कोचों और मैनेजमेंट स्टाफ की ही तरह मलिंगा भी मानते हैं कि श्रीलंका की मौजूदा टीम में एक अच्छी टीम बनने की काबिलियत है। उन्होंने सुझाया कि श्रीलंका की स्थिर चयन नीति उनकी टीम को जीत के रास्ते पर ला सकती है। उन्होंने कहा, “हमारे बहुत से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैर-अनुभवी हैं। लेकिन उन्होंने टीम में जगह मिली क्योंकि उन्होंने घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया।”

“मुझे लगता है कि अगर हम यहां युवा खिलाड़ियों को मौका देते हैं तो हमें वे खिलाड़ी मिल सकते हैं जो लंबे समय तक के लिए खेल सके। आपको 2019 वर्ल्ड कप में उन खिलाड़ियों को खिलाना होगा जिनके पास कम से कम 30 से 50 वनडे का अनुभव हो इसलिए अभी उन्हें अनुभव देना जरूरी है।”