एमएस धोनी © Getty Images
एमएस धोनी © Getty Images

भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया चौथा वनडे एक ऐतिहासिक मैच रहा क्योंकि इस वनडे के साथ ही पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी ने 300 वनडे मैच खेलने का गौरव हासिल किया। दिलचस्प बात ये है कि वह यह मील का पत्थर छूने वाले छठवें भारतीय और दुनिया के 20वें खिलाड़ी बने। गुरुवार को खेले गए इस मैच में विकटों के पीछे फिर से धोनी ने डीआरएस शानदार अंदाज में लिया और टीम इंडिया को जरूरी विकेट दिलवाया।

अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के साथ धोनी को मैदान पर शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। लेकिन इसके साथ ही रिव्यू लेने में भी वह काफी माहिर हैं और अगर उनकी आंखों में विश्वास झलक गया तो समझ लो विकेट मिल ही गया। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में भारत के द्वारा दिए गए 376 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका टीम दूसरा ओवर खेल रही थी।

इसी बीच शार्दुल ठाकुर की एक गेंद को निरोशन डिकवेला ने फाइन लेग की दिशा में फ्लिक करने की कोशिश की लेकिन बल्लेबाज गेंद को चूक गए। मैदान पर दर्शकों की तेज आवाज के बावजूद धोनी को ये पता चल गया कि गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई उनके दस्तानों में समाई है। फिर क्या था धोनी ने जोरदार अपील की लेकिन अंपायर ने इसे नॉट आउट करार दे दिया लेकिन इसके बावजूद धोनी पूरी तरह से आश्वस्त थे कि डिकवेला के बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई गेंद उनके दस्तानों में समाई है।

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अंपायर ने इस गेंद को वाइड करार दे दिया। इसके फौरन बाद धोनी ने जाकर कोहली से बात की और बताया कि उन्होंने कुछ सुना है और रिव्यू के लिए जाना ठीक होगा। आखिरकार कोहली ने रिव्यू ले लिया और जब रिव्यू का फैसला आया तो डिकवेला को आउट करार दे दिया गया। इस तरह से धोनी ने फिर से जता दिया कि विकटों के पीछे उनसे बढ़िया कोई नहीं है। इस मैच में बाद में भारत ने एक और कॉट बिहाइंड का रेफरल लिया और वो भी सफल रहा।

धोनी ने इस मैच में 42 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए और छठवें विकेट के लिए मनीष पांडे (50*) के साथ 101 रनों की नाबाद शतकीय साझेदारी निभाई। भारत ने 50 ओवरों में 5 विकेट पर 375/5 का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में श्रीलंका टीम 207 रनों पर ऑलआउट हो गई और 168 रनों से मैच हार गई।