India vs West Indies 2018: Ravindra Jadeja dedicates maiden century to his mother
Ravindra Jadeja (IANS photo)

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग एक दशक बिताने के बाद रविंद्र जडेजा ने आखिरकार अपना पहला शतक जड़ा। जडेजा ने अपने करियर की इस बड़ी उपलब्धि को अपनी मां को समर्पित किया। जडेजा ने कहा, “मैं ये शतक अपनी मां को समर्पित करूंगा क्योंकि उनकी इच्छा थी कि मैं भारत के लिए खेलूं, लेकिन आज वो नहीं है। ये मेरा सर्वश्रेष्ठ हैं और इससे बड़ा तोहफा मैं किसी को नहीं दे सकता इसलिए मैं ये शतक अपनी मां को समर्पित करूंगा।”

जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ 86 और 90 रन बनाए लेकिन वो पिछले 37 टेस्ट और 140 वनडे में कभी 100 के आंकड़ें तक नहीं पहुंच पाए थे। जब उन्होंने शतक पूरा किया तब उनके साथ 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी खेल रहे थे लेकिन उन्होंने खुद पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनने दिया।

जडेजा ने दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘ये खास है क्योंकि पहले में मैं 80 और 90 के पार पहुंचने के बाद आउट हो जाता था। आज मैं चिंतित नहीं था और किसी तरह का खराब शॉट नहीं खेलना चाहता था। मैं उमेश और शमी से बात करता रहा और खुद से कहा कि शतक पूरा होने तक मुझे खेलते रहना है।’’

शतक पूरा करने के बाद उन्होंने हमेशा की तरह तलवार की तरह बल्ला हिलाकर इसका जश्न मनाया। पिछले एक महीने में जडेजा ने इंग्लैंड में खेले एकमात्र टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया और फिर एशिया कप के दौरान वनडे में भी वापसी की। उन्होंने अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया।

जडेजा ने कहा, ‘‘जब आप नियमित तौर पर नहीं खेल रहे होते हो तो दबाव रहता है। आप हर मौके का फायदा उठाना चाहते हो। मैंने इंग्लैंड में भी यही सोचा था। एशिया कप में मेरी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी रही। मैं हर मैच में अपने खेल को बेहतर करने की कोशिश करता हूं। मैं 2018 में ज्यादा मैचों में नहीं खेला, इसलिए मौका मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करना मेरे लिये जरूरी था।’’

जडेजा से पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस साल बिताने के बावजूद उन्हें खुद को साबित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है, उन्होंने कहा, ‘‘अच्छा है कि आप जानते हो कि मैं दस साल से खेल रहा हूं। मैंने कुछ अच्छा किया होगा तभी मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं। मुझे पता नहीं कि आपने इस पर ध्यान दिया कि पिछले सत्र में हमने जो 13 टेस्ट स्वदेश में खेले थे उनमें मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था।’’