• Home
  • News
  • India vs West Indies Lucknow t20 will not be a high-scoring game, says local curator

लखनऊ टी20 में 130 रन का लक्ष्य भी मुश्किल होगा: क्यूरेटर

स्थानीय क्यूरेटर के अनुसार भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के कम स्कोर वाला होने की उम्मीद है।

Edited By : Cricket Country Staff |Nov 06, 2018, 12:10 AM IST

Published On Nov 06, 2018, 12:10 AM IST

Last UpdatedNov 06, 2018, 12:10 AM IST

Kuldeep Yadav © AFP

टी20 को हमेशा बल्लेबाजों के अनुकूल प्रारूप माना जाता है लेकिन एक स्थानीय क्यूरेटर के अनुसार भारत और वेस्टइंडीज के बीच मंगलवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के कम स्कोर वाला होने की उम्मीद है।

लखनऊ में 24 साल के लंबे इंतजार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है जहां नवनिर्मित इकाना स्टेडियम पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा। एक स्थानीय क्यूरेटर के अनुसार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए 130 से अधिक का स्कोर विजयी स्कोर साबित हो सकता है।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

क्यूरेटर ने पीटीआई को बताया, ‘‘निश्चित तौर पर यह बड़े स्कोर वाला मैच नहीं होगा। पिच के दोनों तरफ लंबी सूखी घास है और बीच में पिच टूटी हुई है। यह धीमे उछाल वाली पिच है और शुरुआत से ही स्पिनरों के बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस पिच को ओड़िशा के बालंगीर से मिट्टी लाकर बनाया गया है जो अपनी धीमी प्रकृती के लिए जानी जाती है। दोनों टीमों को रन बनाने और लंबी स्क्वायर बाउंड्री के कारण बड़े शाट खेलने में दिक्कत होगी।’’

यहां शुरुआत से ही पिच तैयारी करने का प्रभार बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटकर दलजीत सिंह को सौंपा गया है और उन्होंने रविंद्र चौहान, शिव कुमार और सुरेंद्र जैसे यूपीसीए के क्यूरेटर की मदद से पिच तैयार की है।

पिच पर काम करने वाले एक अन्य क्यूरेटर ने कहा कि अगर पिच तैयार करने के लिए स्थानीय मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता तो मंगलवार को यहां काफी रन बनते। सतह के अलावा ओस के कारण भी परेशानी हो सकती है।

स्थानीय क्यूरेटर ने कहा, ‘‘आउटफील्ड शानदार और तेज है लेकिन ओस निश्चित तौर पर बड़ी भूमिका निभाएगी। उत्तर भारत में सर्दियां शुरू हो रही हैं और पहली गेंद से ही ओस बड़ी भूमिका निभाएगी। इसलिए गेंद तेजी से बाउंड्री की ओर नहीं जाएगी और बल्लेबाजों को काफी रन दौड़ने होंगे।’’

Editors Pick