IND vs ZIM: आखिर कैसे दूर हो गई रवि बिश्नोई की सबसे बड़ी खामी, जिम्बाब्वे में ऐसे ही नहीं मचाया धमाल

रवि बिश्नोई ने कहा कि उन्होने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जाकर अपने ऐक्शन पर काम किया. उन्होने बताया कि उन्हें कैसे मदद मिली. जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में छह विकेट लिए.

Edited By : Bharat Malhotra |Jul 27, 2026, 03:03 PM IST

Published On Jul 27, 2026, 03:03 PM IST

Last UpdatedJul 27, 2026, 03:03 PM IST

हरारे: रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई सीरीज में 6 विकेट लिए. इस लेग स्पिनर ने अपने प्रदर्शन से संतोष जताया है. बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने रन-अप से जुड़ी खामियों पर काम किया. और अब इसका फायदा मैदान पर दिखने लगा है. भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की. इसमें बिश्नोई का अहम योगदान रहा.

इंग्लैंड दौरे पर बिश्नोई को गेंदबाजी में कुछ तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में उनकी तीन बैक-फुट नो-बॉल ने टीम को नुकसान पहुंचाया था. उन्होंने इस मैच में कुल 60 रन दिए थे. इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों को पहचानते हुए उनमें सुधार करने पर ध्यान दिया.

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साईराज बहुतुले और सुनील जोशी के साथ मिलकर किया काम

बिश्नोई ने बताया कि उन्होंने साईराज बहुतुले और सुनील जोशी जैसे अनुभवी कोचों की निगरानी में अपने रन-अप पर काफी काम किया. उनका रन-अप पहले सही दिशा में नहीं जा रहा था, जिसके चलते बॉलिंग में उनके कंट्रोल पर असर पड़ रहा था. उन्होंने कहा कि कोचों ने उन्हें जरूरी बदलावों के बारे में जानकारी दी. और इससे उन्हें सुधार करने में काफी मदद मिली.

उन्होंने कहा, ‘मैंने उन क्षेत्रों पर काम किया जिनमें सुधार की जरूरत थी क्योंकि मेरी गेंदबाजी में कुछ गलतियां थीं. मैंने उन पर मेहनत की और अब उसके नतीजे दिखाई दे रहे हैं. मुझे कोचों से काफी समर्थन मिला. उन्होंने मुझे बताया कि मुझे किन चीजों पर ध्यान देना है.’

आखिर बॉलिंग ऐक्शन में क्या हो रही थी कमी

बिश्नोई ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वह अपनी सामान्य लाइन से थोड़ा ज्यादा बाहर जा रहे थे. आमतौर पर ऐसा नहीं होता, लेकिन उस मैच में दुर्भाग्य से यही समस्या बार-बार हुई.

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिचों पर जहां स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा टर्न नहीं मिल रहा था, वहां बिश्नोई ने अपनी स्किल का प्रदर्शन करते हुए विकेट निकाला.

उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उनकी सीधी और तेज गेंदें बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा करती हैं. बड़े मैदानों को भी उन्होंने गेंदबाजों के लिए फायदेमंद बताया, क्योंकि वहां बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट लगाना आसान नहीं होता.

बिश्नोई के लिए यह दौरा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा, क्योंकि उन्होंने अपनी तकनीकी कमियों को दूर कर प्रभावशाली गेंदबाजी की. बिश्नोई इस सीरीज में भारत के मुख्य स्पिनर थे.

Bharat Malhotra

Bharat Malhotra

अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम को लीड कर रहे हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. ज्यादातर वक्त क्रिकेट पर लिखते, समीक्षा करते और समझते हुए बीता है. साल 2008 में IPL के साथ करियर की शुरुआत हुई. तब Iplnewsonline.com की शुरुआती टीम का हिस्सा रहे. इसके बाद हिंदीलोक डॉट कॉम की जिम्मेदारी लंबे वक्त तक अकेले ही संभाली. फिर प्लानमैन मीडिया की TheSundayIndian.com की हिंदी वेबसाइट को लीड किया. भारत मल्होत्रा के सफर का अगला पड़ाव दैनिक जागरण की हेल्थ वेबसाइट ओन्ली माई हेल्थ रहा. यहां करीब ढाई साल तक हिंदी वेबसाइट की अगुआई की. इस दौरान साइट को नए सिरे से तैयार करना. इसके कॉन्टेंट और स्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर सुधार किया. नतीजा, उस दौरान यह हेल्थ के क्षेत्र में भारत की नंबर वन वेबसाइट बनी. यहां संपादकीय के साथ-साथ प्रॉडक्ट, तकनीक और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में भी सहयोग दिया. फरवरी 2015 में भारत मल्होत्रा NBT.in से जुड़े. यहां 7 साल से अधिक समय तक स्पोर्टस टीम के लीड रहे. इस दौरान क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 और फीफा वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, कई IPL सीजन, ओलिंपिक 2016 और 2020, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में टीम की अगुआई की.

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