भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही नें वनडे सीरीज मे वेस्ट इंडीज को किया क्लीन स्वीप। © AFP
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही नें वनडे सीरीज मे वेस्ट इंडीज को किया क्लीन स्वीप। © AFP

बीसीसीआई और आईसीसी के बीच का विवाद अब खेल और खिलाड़ियों को प्रभावित करने लगा है। हाल ही में आईसीसी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इस साल अगस्त के महीने में पाकिस्तान महिला टीम के खिलाफ आईसीसी के चैम्पियंसशिप टूर्नामेंट के दौरान तीन मैच न खेलने के लिए सजा दी। इन मैचों के सभी छह प्वाइंट्स पाकिस्तान टीम को दे दिए गए हैं। बीसीसीआई हालांकि इस फैसले से काफी नाराज है लेकिन वह इस मामले में अब कुछ नहीं कर सकती। आईसीसी की तकनीकि समिति ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह मामला वर्तमान समय में भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों के प्रति संवेदनशील था। उनका कहना था कि बीसीसीआई मैच न खेलने के लिए कोई ठोस कारण पेश नहीं कर सकी। ये भी पढ़ें: महिला क्रिकेट: वेस्टइंडीज ने भारत को 15 रनों से हराया

बीसीसीआई ने इस बारें में बयान दिया है कि आईसीसी जानबूझकर ऐसा कर रही है। पीटीआई को दिए बयान में बीसीसीआई के उच्च अधिकारी ने कहा, “आईसीसी हमारी परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है कि किस तरह हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, पाकिस्तान के साथ खेलने की हमारी भावनाएं मर चुकी हैं। चेयरमैन को पता है कि हमें इसके लिए सरकार की रज़ामंदी चाहिए। आईसीसी का यह कदम पाकिस्तान को फायदा पहुंचाने की चाल है। वह कहेंगे कि अगल महिला टीम खेल सकती है तो पुरुष टीम भी खेल सकती है लेकिन ऐसा होगा नहीं। अगर आईसीसी पीछे नहीं हटेगी तो पुरुष क्रिकेट टीम भी महिला टीम के साथ चैम्पियंस ट्रॉफी नहीं खेलेगी।” आईसीसी ने जिन मैचों के लिए महिला टीम को तलब किया है वह एक अगस्त से 31 अक्टूबर के बीच खेले जाने थे लेकिन उनका आयोजन ठीक तरह से नहीं हुआ और मैच समय पर नहीं हो पाए। आईसीसी द्वारा मैच के छह प्वाइंट्स पाकिस्तान टीम को दिए जाने से महिला टीम को आईसीसी रैंकिग में काफी नुकसान होगा। वह अपनी मौजूदा पोजीशन, नंबर पांच से आगे नहीं बढ़ पाएगी, पाकिस्तान टीम वहीं सातवें स्थान पर रहेगी। दोनों ही टीमें आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पहले से ही क्वालिफाई कर चुकी हैं जो कि 26 जून से शुरू होगा। भारत और पाकिस्तान के साथ ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और वेस्ट इंडीज भी इस टूर्नामेंट की हिस्सा बनेंगी। ये भी पढ़ें: लोढ़ा समिति ने पिल्लई को बीसीसीआई का पर्यवेक्षक नियुक्त करने की सिफारिश की

बीसीसीआई और आईसीसी के बीच का मन मुटाव साफ दिख रहा है। पिछले दिनों आईसीसी ने दो बार अपनी बैठकों में बीसीसीआई को नज़रअंदाज किया, बैठकों से जुड़ा कोई भी आधिकीरिक संदेश भारतीय बोर्ड को नहीं भेजा गया। और अब आईसीसी ने महिला टीम पर इस तरह की कार्यवाही की है जो कि सही नहीं हैं। दूसरी तरफ एक बार फिर भारतीय टीम के चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलने पर संशय हो गया है।