भारतीय टीम के निदेशक रवि शास्त्री ने भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन खेलने की कला में सुधार की सलाह दी © Getty Images
भारतीय टीम के निदेशक रवि शास्त्री ने भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन खेलने की कला में सुधार की सलाह दी © Getty Images

हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3-0 से टेस्ट सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम के निदेशक रवि शास्त्री ने कहा कि मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों को टर्निंग पिचों पर स्पिनरों का सामना करने के लिये अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार करना होगा। शास्त्री ने बीसीसीआई टीवी के दिए एक इंटरव्यू में भारतीय बल्लेबाजों की कमियों पर बात करते हुए कहा कि भारतीय टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के साथ समस्या यह है कि खिलाड़ी ज्यादा घरेलू क्रिकेट नहीं खेल पा रहे हैं, लेकिन इसके लिए वो खुद जिम्मेदार नहीं है। भारतीय क्रिकेट टीम लगातार क्रिकेट खेल रही है और पूरे साल उनका कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहता है, जिसकी वजह से वो टर्निंग विकेटों पर स्पिन खेलने की कला में सुधार नहीं ला पा रहे है। ALSO READ : वनडे क्रिकेट की सबसे कामयाब ओपनिंग जोड़ी

पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि टीम के भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले दो साल में विदेशों में जाकर क्रिकेट खेला लेकिन जब वे स्वदेश वापस लौटे तो यही पिच उन्हें विदेशी लगने लगी, जबकि इसी पिच पर वे खेलकर बड़े हुए हैं। लेकिन यह सबक है। शास्त्री ने दिल्ली टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले अजिंक्य रहाणे की तारीफ करते हुए कहा कि रहाणे पहले टेस्ट में डिफेंसिव शाट खेलते हुए आउट हुए जबकि दूसरे टेस्ट में अटैकिंग शाट खेलते हुए अपना विकेट गंवाया लेकिन दिल्ली टेस्ट में उन्होने लाजवाब खेल दिखाते हुए डिफेंसिव और अटैकिंग दोनों तरह की क्रिकेट खेली। ALSO READ : टेस्ट क्रिकेट के 5 सबसे तेज शतक

बीसीसीआई को दिए इस इंटरव्यू में रवि शास्त्री विराट कोहली का गुणगान करने से नहीं चुके। उन्होने कहा कि नौ दिसंबर 2014 को युवा कोहली ने पहली बार एडीलेड टेस्ट में भारतीय टीम की बागडोर को संभाला, एक साल बाद मैं कह सकता हूं कि वह टीम के ‘लीडर’ हैं और टीम में हर तरह से शामिल है। वह सभी खिलाड़ियों से बातचीत करते हैं, कप्तान और खिलाड़ियों के बीच भरोसा होना बेहद जरुरी है। इस मौके पर शास्त्री ने इंशात शर्मा, शिखर धवन, रविचन्द्रन अश्विन, रविन्द्र जडेजा और उमेश यादव के भी तारीफों के पुल बांधे। ALSO READ :  जब कॉकरोच को अचार समझ बैठे विराट कोहली