नंबर 1-11 तक, हर पोजीशन में बल्लेबाजी करने वाले एकमात्र भारतीय, क्या आप नाम जानते हैं ?
भारत के लिए 44 टेस्ट खेले. 72 पारियों में 5 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 2,109 रन बनाए. 231 रन उनका सबसे उच्चतम स्कोर था.
Published On Apr 11, 2026, 04:59 PM IST
Last UpdatedApr 11, 2026, 04:59 PM IST
Vinoo Mankad
टेस्ट क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड्स हैं जिन्हें आज तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है. सर डॉन ब्रैडमैन का 99.94 का बल्लेबाजी औसत और ब्रायन लारा की 400 रनों की पारी ऐसे ही रिकॉर्ड में शामिल है. मगर एक ऐसा रिकॉर्ड भी है, जो आज तक दुनिया के सिर्फ तीन बल्लेबाज ही कर सके हैं. टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में केवल 3 खिलाड़ी ही ऐसे हैं जिन्होंने नंबर 1 से नंबर 11 तक हर पोजीशन पर बल्लेबाजी की है. इस लिस्ट में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी है.
भारत के लिए रवि शास्त्री और फारूख इंजीनियर ने भी 1 से 10 नंबर तक बल्लेबाजी की है, मगर भारत के एक बल्लेबाज ने 1 से 11 नंबर तक सभी पोजीशन में बल्लेबाजी की है. इस बल्लेबाज का नाम वीनू मांकड है. वीनू मांकड़ भारत के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक से लेकर ग्यारह नंबर तक बल्लेबाजी की है
12 अप्रैल 1917 में जामनगर गुजरात में जन्मे वीनू मांकड़ का पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल ‘वीनू’ मांकड़ था. दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर मांकड़ ने जून 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था. वीनू मांकड़ को भारतीय क्रिकेट इतिहास का श्रेष्ठ ऑलराउंडर माना जाता है. टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए उनका योगदान असाधारण रहा है, मांकड़ भारतीय टीम की पहली टेस्ट विजय के हीरो रहे थे.
भारत को टेस्ट में दिलाई थी पहली जीत
भारतीय टीम ने अपना पहला टेस्ट 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. टेस्ट में पहली जीत हासिल करने में टीम इंडिया को 20 साल लग गए. 1952 में भारतीय टीम ने अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की थी और इसके हीरो वीनू मांकड़ रहे थे.
भारत के पहले टेस्ट में जीत की पूरी कहानी
चेन्नई में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 266 रन बनाए, वीनू मांकड़ ने 8 विकेट झटके थे, भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट पर 457 रन बनाकर पारी घोषित की, भारतीय टीम को 191 रन की बढ़त मिली थी. दूसरी पारी में इंग्लैंड महज 183 रन पर सिमट गई, वीनू मांकड़ ने 4 विकेट लिए थे, भारत पारी और 8 रन से मैच जीता, मैच में वीनू मांकड़ ने कुल 12 विकेट लेकर देश के टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत की स्वर्णिम कहानी लिखी.
वीनू मांकड़ ने भारत के लिए खेले 44 टेस्ट
1946 से 1959 के बीच मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट खेले. 72 पारियों में 5 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 2,109 रन बनाए, उनका सर्वाधिक स्कोर 231 रन रहा, वहीं उनके नाम 162 विकेट भी है. इस दौरान पारी में 8 बार उन्होंने फाइव विकेट हॉल हासिल किया. मांकड़ ने महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल, सौराष्ट्र और मुंबई और राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेले. इस दौरान 233 प्रथम श्रेणी मैचों में 26 शतक लगाते हुए 11,591 रन बनाने के साथ ही 782 विकेट लिए।
वीनू मांकड़ के नाम पर ‘मांकड़िंग’ की शुरुआत
भारत के महान खिलाड़ियों में से एक वीनू मांकड़ के नाम पर ‘मांकड़िंग’ की शुरुआत हुई. 1947 में वीनू ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को रनआउट कर दिया था, वीनू बॉलिंग कर रहे थे, जैसे ही ब्राउन क्रीज से बाहर निकले, वीनू ने उन्हें रनआउट कर दिया, हालांकि, वीनू ने ब्राउन को रनआउट करने से पहले चेतावनी दी थी, वीनू ने ब्राउन को दो बार इसी तरह आउट किया था. लंबे समय तक इस तरह का बल्लेबाजों को रन आउट किया जाना ‘मांकड़िंग’ के रूप में चर्चित रहा.
61 साल की उम्र में हुआ था निधन
भारत सरकार ने 1973 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था. वीनू मांकड़ के नाम पर बीसीसीआई राष्ट्रीय स्तर का अंडर-19 आयु वर्ग का एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करती है. 21 अगस्त 1978 को वीनू मांकड़ का 61 साल की उम्र में निधन हो गया था.