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- Indian Premier Legue clubs are set to offer England players full-time contracts
BCCI का महाप्लान- अपना देश छोड़ने को भी तैयार हैं कई क्रिकेटर
इंग्लिश मीडिया में पहले भी ऐसी कई खबरें आ चुकी हैं जिसमें कहा गया कि खिलाड़ी आने वाले समय में देश के क्रिकेट बोर्ड की बजाय फ्रैंचाइजी के साथ सालाना कॉन्ट्रेक्ट साइन कर सकते हैं.
Published On Apr 26, 2023, 06:41 PM IST
Last UpdatedApr 26, 2023, 06:41 PM IST
ECB/ACB
बीसीसीआई (BCCI) यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड. दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड. BCCI हर साल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आयोजन करता है जिसमें दुनियाभर के मशहूर क्रिकेटर खेलने के लिए उत्साहित रहते हैं. कई बार ऐसा होता है कि क्रिकेटर IPL में खेलने के लिए अपने देश के मैचों को मिस कर देता है. इसके पीछे की वजह है IPL में मिलने वाली भरकम राशि. इसी को लेकर अब एक और बड़ी खबर आ रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि टॉप इंग्लिश क्रिकेटर इंडियन प्रीमियर लीग टीमों के साथ फुल टाइम कॉन्ट्रेक्ट स्वीकार करने के लिए अपने केंद्रीय या काउंटी कॉन्ट्रेक्ट को छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. द टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय स्टार सहित कम से कम 6 इंग्लिश खिलाड़ियों से आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों ने संपर्क किया है और पूछा है कि क्या वे ईसीबी और इंग्लिश काउंटी के बजाय एक भारतीय टीम के साथ मुख्य कॉन्ट्रेक्ट साइन करने के इच्छुक हैं?
द टाइम्स के अनुसार, IPL फ़्रैंचाइज़ी का कॉन्ट्रेक्ट सालाना 50 लाख पाउंड यानी 50 करोड़ रुपये तक का हो सकता है जो कि नेशनल क्रिकेट बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट से 5 गुना ज्यादा है. इस आंकड़ें के बराबर खिलाड़ी को पैसे देना देश के क्रिकेट बोर्ड के लिए बिल्कुल भी संभव नहीं होगा. रिपोर्ट में हालांकि फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है.
रिपोर्ट में आगे कहा गया ,‘‘ इसके बाद दुनिया भर में खिलाड़ियों के संघों में चर्चा शुरू हो गई है कि 12 महीने के फ्रेंचाइजी कॉन्ट्रेक्ट के परिणाम क्या होंगे. क्या क्रिकेट भी फुटबॉल मॉडल अपनायेगा जिसमें प्रमुख खिलाड़ियों का टीम के साथ करार होता है और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलने के लिये उन्हें समय समय पर छोड़ा जाता है या इसके उलटा भी होता है.’’
इंग्लिश मीडिया में पहले भी ऐसी कई खबरें आ चुकी हैं जिसमें कहा गया कि खिलाड़ी आने वाले समय में देश के क्रिकेट बोर्ड की बजाय फ्रैंचाइजी के साथ सालाना कॉन्ट्रेक्ट साइन कर सकते हैं. द टाइम्स ने एक आस्ट्रेलियाई T20 विशेषज्ञ के साथ भी इस तरह की बातचीत होने का दावा किया.
IPL में खिलाड़ियों पर जिस तरह से पैसों की बारिश होती है उसे देखकर अब बाकी के देश भी भारी भरकम राशि वाली क्रिकेट लीग लाने पर विचार कर रहे हैं जिसमें सऊदी अरब भी शामिल हैं. हाल ही में सऊदी अरब कथित तौर पर आईपीएल मालिकों और बीसीसीआई द्वारा समर्थित एक हाई सैलरी वाले T20 टूर्नामेंट के आयोजन की इच्छा जताई थी, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिदृश्य के लिए एक और खतरा बन सकता है.
गौरतलब है कि IPL अब दुनिया की सबसे मशहूर लीग होने के साथ-साथ ग्लोबल लेवल पर सबसे बड़ी लीग है. IPL की कई फ्रैंचाइजियों की टीमें हाल ही में इंटरनेशनल लीग T20 और SA T20 लीग में खेलती नजर आई थी. लगभग सभी 10 IPL टीमों की विभिन्न लीगों में फ्रेंचाइजी है जिनमें सीपीएल (कैरेबियाई लीग), साउथ अफ्रीका T20, ग्लोबल T20 लीग (यूएई), इंटरनेशनल T20 लीग और आगामी मेजर लीग (अमेरिका) शामिल हैं. यही वजह है कि IPL फ्रैंचाइजी अब विदेशी खिलाड़ियों को फुल टाइम कॉन्ट्रेक्ट देने पर विचार कर रही हैं.
(With PTI Bhasha inputs)