live cricket score, live score, live score cricket, india vs england live, india vs england live score, ind vs england live cricket score, india vs england 3rd test match live, india vs england 3rd test live, cricket live score, cricket score, cricket, live cricket streaming, live cricket video, live cricket, cricket live mohali
विराट कोहली इस समय भारत के सबसे फिट बल्लेबाज हैं कोहली।

भारत के कप्तान विराट कोहली न सिर्फ दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं बल्कि सबसे फिट एथलीट्स में से भी एक हैं। कोहली हमेशा ही फिटनेस पर ध्यान देतें हैं और कभी भी इसके प्रति लापरवाही नहीं करते। विशाखापत्तनम टेस्ट के दौरान सुनील गावस्कर ने भी कहा था कि कोहली का फैट प्रतिशत केवल सात है जो कि टीम इंडिया में सबसे कम है लेकिन कोहली इससे संतुष्ट नहीं है और वह इसे और घटाना चाहते हैं। कोहली ने आखिरकार अपनी इस फिटनेस का राज़ खोल दिया है। कोहली ने बताया कि पूर्व भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के साथ बातचीत के दौरान उन्हें फिटनेस की अहमियत समझ आई। डंकन ने 2011 में भारतीय टीम के मुख्य कोच का कार्यभार संभाला था। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, टेस्ट सीरीज: मोहाली टेस्ट के लिए रिद्दिमान साहा की जगह पार्थिव पटेल टीम में शामिल

कोहली ने द टेलीग्राफ से बातचीत में कहा, ” डंकन ने मुझसे एक बार कहा था कि क्रिकेट पेशेवर खेलों में सबसे ज्यादा गैर पेशेवर खेल है।” इस बात का कोहली पर काफी प्रभाव पड़ा, उन्होंने आगे कहा, “आप के पास योग्यता होती है लेकिन ऐसा नहीं है कि आपको एक टेनिस खिलाड़ी से ज्यादा ट्रेनिंग करनी पड़ती हो। लेकिन मैने यह जाना कि अगर आपको इस समय इस उम्र में तीनों फॉर्मेट्स में शीर्ष पर खेलना है तो आपको एक रूटीन की जरूरत है। आपको स्वस्थ और फिट रहने के लिए एक सुव्यवस्थित ट्रेनिंग, सही डाएट चाहिए। फिट होने से आप मानसिक तौर पर मजबूत होते हैं। दोनों बातों का सीधा संबंध है।” वहीं कोहली ने यह भी माना कि अनुशासित दिनचर्या का पालन करना काफी मुश्किल होता है। भारतीय कप्तान ने यह भी बताया कि उनके जीवन में यह बदलाव 2012 के बाद आया। कोहली ने इस बारें में कहा, “यह सब 2012 में बदल गया। मेरा ऑस्ट्रेलिया का टूर काफी अच्छा रहा और मैने बांग्लादेश के खिलाफ भी 180 रन बनाए। इसके बाद मै आईपीएल खेलने आया यह सोचकर कि यह एक अच्छा सत्र होगा। मैं इस टूर्नामेंट में गेंदबाजों पर दबाव डालना चाहता था लेकिन मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा। मेरी ट्रेनिंग बेकार थी, मैं गलत खाना खाता था और एक या दो दिन में मैं डिंक भी कर लेता था। यह बहुत ही खराब मानसिकता थी। एक दिन जब मैने खुद को शीशे मे देखा और कहा कि अगर मुझे पेशेवर क्रिकेट खेलना है तो मैं ऐसै नहीं दिख सकता।” कोहली ने उसके बाद अपनी दिनचर्या में काफी बदलाव किया, उन्होंने रेगुलर जिम जाना शुरू किया। साथ ही सेहत के लिए नुकसानदायक खाना पूरी तरह बंद कर दिया। ये भी पढ़ें: जब विराट कोहली ने 337 रनों से भारत को टेस्ट मैच जिताया

इस दौरान होने वाली परेशानियों का जिक्र भी कोहली ने किया। उन्होंने बताया, “पहले कुछ महीने मेरे लिए मुश्किल थे, जब मैं सोने जाता था तो मुझे इतनी ज्यादा भूख लगती थी कि मेरा मन करता था कि बेडशीट ही खा लूं । लेकिन जब मुझे इसके सकारात्मक नतीजे मिलने लगे, मैं मैदान पर काफी तेज हो गया था। हर सुबह उठकर मैं काफी ऊर्जावान महसूस करने लगा।” यह सब पढ़ने के बाद आप जान पाएंगे कि आखिर क्यों कोहली दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कोहली ने अपने खेल के साथ साथ अपनी फिटनेस को भी प्रायिकता दी और उसके बेहतरीन परिणाम उन्हें और साथ ही भारतीय टीम दोनों को मिलें।