जसप्रीत बुमराह  © Getty Images (File Photo)
जसप्रीत बुमराह © Getty Images (File Photo)

भारत और इंग्लैंड के बीच 26 जनवरी को कानपुर के ग्रीन पार्क मैदान पर पहला टी20 मैच खेला गया जिसमें टीम इंडिया को सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। ये मैच भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के लिए किसी नाइटमेयर से कम नहीं रहा। पहले तो उनके पहले ओवर में ही सैम बिलिंग्स ने 20 रन ठोंक दिए। वहीं तीसरे स्पैल में जब वह गेंदबाजी के लिए आए और अच्छी गेंदबाजी करने के बावजूद उनका योगदान शून्य ही दिखाई दिया। दरअसल बुमराह ने जो रूट को लगातार दो गेंदों पर बोल्ड कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद जो रूट क्रीज पर खेलते नजर आए। लेकिन ऐसा क्यों हुआ। आइए आपको बताते हैं।

दरअसल, भारत के द्वारा दिए गए 148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड टीम ने एक समय 17वें ओवर में 32 रन बना लिए थे। इसी बीच ओवर की पांचवीं गेंद पर ही बुमराह ने रूट को क्लीन बोल्ड कर दिया। लेकिन अंपायर ने नो बॉल का इशारा कर दिया इस तरह अगली गेंद फ्री हिट हो गई। फ्री हिट में भी बुमराह ने रूट को बोल्ड कर दिया। चूंकि, फ्री हिट में बल्लेबाज को नॉट आउट माना जाता है। इसलिए बल्लेबाज एक बार फिर से बच गया। और रूट ने अंत तक नाबाद रहते हुए 46 रन बनाए और इंग्लैंड की 7 विकेट की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। [ये भी पढ़ें: वनडे रैंकिंग में फिसले कोहली, धोनी को हुआ फायदा]

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत ठीकठाक रही। कोहली पहली ही गेंद से बड़े स्ट्रोक जड़ने को लेकर आतुर नजर आए और उन्हें जहां भी मौका मिला चौके जड़ दिए। लेकिन केएल राहुल एक बार फिर से अपनी खराब फॉर्म से दूर नहीं जा पाए और 10 रन बनाकर जॉर्डन की गेंद पर आउट हो गए। तीसरे नंबर पर आज सुरेश रैना बल्लेबाजी के लिए आए। रैना ने आते ही दो चौके जड़ दिए। अब ऐसा लग रहा था कि दोनों टीम इंडिया को बड़े स्कोर की ओर ले जाएंगे। लेकिन इसी बीच कोहली को मोईन अली ने आदिल राशिद के हाथों झिलवा दिया। इस तरह टीम इंडिया का दूसरा विकेट 55 रनों के स्कोर पर गिर गया। कोहली ने 26 गेंदों में 29 रन बनाए।

चौथे नंबर पर युवराज सिंह सुरेश रैना का साथ निभाने के लिए आए। दोनों ने अगले तीन ओवरों में 20 रन जोड़े। लेकिन इसी बीच जब दोनों बल्लेबाजों ने रन रेट बढ़ाने की सोची तो युवराज ने प्लंकेट की गेंद पर छक्का जड़ने की कोशिश की और फाइन लेग में आदिल राशिद के हाथों पकड़े गए। इस तरह टीम इंडिया का तीसरा विकेट युवराज सिंह के रूप में 75 रनों के योग पर गिर गया। युवी ने 13 गेंदों में 12 रन बनाए। अब टीम इंडिया संकटों में फंसती नजर आ रही थी। इसलिए मैदान पर धोनी आए। धोनी के मैदान में आते ही रैना का उत्साह छलांगे मारने लगा।

पहले तो उन्होंने कुछ यहां वहां चौके जड़े। बाद में 13वें ओवर की दूसरी गेंद पर ही उन्होंने स्टोक्स की गेंद पर गगनचुंबी छक्का जड़ दिया। लेकिन अगली ही गेंद पर रैना के स्टोक्स ने बोल्ड कर दिया। इस तरह रैना 23 गेंदों में 34 रन बनाकर आउट हो गए और टीम इंडिया का चौथा विकेट 95 रनों के कुल योग पर गिर गया। ऐसे में टीम इंडिया को कौन संभालता? जवाब था मनीष पांडे। लेकिन पांडे मोईन अली की स्पिन के आगे पांडे कुछ खास नहीं कर सके और 3 रन बनाकर पगबाधा आउट हो गए। इसके बाद अगले कुछ ओवरों में धोनी और पांड्या ने इक्का- दुक्का रन लिए। लेकिन इसी बीच जब पांड्या ने बड़े स्ट्रोक लगाने की कोशिश की वह टेमल मिल्स की गेंद पर बिलिंग्स को कैच दे बैठे। पांड्या ने 12 गेंदों में 9 रन बनाए। इस तरह टीम इंडिया ने अपना छठवां विकेट 118 रनों पर गंवा दिया। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मैच 29 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा।