बापू नादकर्णी© AFP
बापू नादकर्णी© AFP

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर बापू नादकर्णी का आज(4 अप्रैल) जन्मदिन है । बापू नादकर्णी 84 साल के हो गए हैं। 4 अप्रैल 1933 को महाराष्ट्र के नासिक में जन्मे बापू नादकर्णी को भारतीय क्रिकेट के सबसे कंजूस गेंदबाज के तौर पर याद किया जाता है। बापू नादकर्णी बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते थे और वो अपनी सटीक लाइन और लेंग्थ के लिए जाने जाते थे। 16 दिसंबर 1955 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले बापू नादकर्णी की गेंदों पर रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता था। इसकी मिसाल है 1964 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया मद्रास टेस्ट जहां नादकर्णी ने 29 ओवर में सिर्फ 3 ही रन दिए थे और उसमें से 26 ओवर मेडन थे। नादकर्णी ने उस मुकाबले में लगातार 131 गेंदें डॉट फेंकी थी। [ये भी पढ़ें: जानिए कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से किसने मारे हैं सबसे ज्यादा छक्के, किसने बनाए हैं सबसे ज्यादा रन ]

आपको बता दें बापू नादकर्णी टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे किफायती गेंदबाज हैं, जबकि दुनिया के किफायती गेंदबाजों की लिस्ट में वो चौथे नंबर पर आते हैं। इंग्लैंड के विलियम एटवेल (10 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.31), इंग्लैंड के ही क्लिफ ग्लैडविन (8 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.60) और दक्षिण अफ्रीका के ट्रेवर गॉडर्ड (41 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.64) ही इस लिस्ट में नादकर्णी से ऊपर हैं। बापू नादकर्णी ने भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेले थे जिसमें उन्होंने 29.07 की औसत से 88 विकेट चटकाए। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 1.67 का रहा। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में 4 बार टेस्ट मैच की एक पारी में पांच या अधिक विकेट और दो बार 4 विकेट लिये। वहीं, बापू नादकर्णी के नाम 191 फर्स्ट क्लास मैचों में 21.37 की औसत और 1.64 की इकॉनमी रेट से 500 विकेट दर्ज हैं।