Inzamam ul Haq:Job as chief selector most challenging ever
Inzamam-ul-Haq @ Getty Image (file image)

पाकिस्तान के निवर्तमान मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक का कहना है कि उनके पेशेवर करियर में यह कार्यकाल सबसे चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि उनकी अपने भतीजे इमाम उल हक का चयन करने के लिए आलोचना की गई जिससे वह काफी आहत थे।

पढ़ें: विराट बोले, ‘मेरी कुलदीप से भी उतनी ही दोस्ती है, जितनी धोनी से’

इंजमाम का तीन साल का कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि आलोचकों और कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने केवल उनके भतीजे की आलोचना करने पर ध्यान दिया।

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि इमाम इतने लंबे समय तक पाकिस्तानी टीम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं रह पाता अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं करता। मेरे मुख्य चयनकर्ता बनने से पहले वह पाकिस्तान के लिए जूनियर क्रिकेट खेल चुका था और उसने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन आलोचक इसे भूल गए जिससे मैं काफी आहत हुआ।’

इंजमाम ने कहा, ‘मुख्य चयनकर्ता का काम मेरे क्रिकेट करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिका रही क्योंकि तमाम फैसलों के लिए मेरी कड़ी आलोचना की गई और मैंने उनका खास जवाब नहीं दिया।’

पढ़ें: अख्‍तर बोले- सरफराज से कप्‍तानी छीनकर इन युवाओं को दिया जाए मौका

23 वर्षीय इमाम ने पाकिस्तान के लिए अब तक 10 टेस्ट और 36 वनडे खेले हैं और पूर्व खिलाड़ियों ने उनके चयन की हमेशा आलोचना की।

पाकिस्तान की तरफ से 120 टेस्ट खेलने वाले इंजमाम की अगुवाई में ही विश्व कप के लिए टीम का चयन किया गया था। पाकिस्तानी टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही थी। उनके कार्यकाल में हालांकि टीम ने 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और टी-20 रैंकिंग में पाकिस्तान नंबर एक टीम बना।

इंजमाम ने कहा कि क्रिकेट उनके लिए जिंदगी है और वह मुख्य चयनकर्ता पद छोड़ने के बाद भी किसी न किसी तरह से इस खेल से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं क्रिकेट नहीं छोड़ सकता। यह मेरा जुनून है।’