पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक 2016 से 2019 विश्व कप कप  में मुख्य चयनकर्ता रहे और उस समय सरफराज अहमद टीम के अधिकांश समय तक कप्तान थे. मिस्बाह उल हक ने जब इंजमाम की जगह ली तो सरफराज को तीनों प्रारूपों में टीम से ही निकाल दिया गया. पाकिस्तान के पूर्व मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक ने दावा किया है कि 2019 विश्व कप के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों में असुरक्षा का माहौल था. उन्होंने यह भी कहा कि सरफराज अहमद को तुरंत कप्तानी से हटाने की बजाय उसे और समय दिया जाना चाहिए था.

कप्तानों को समय दिए जाने की जरूरत

इंजमाम ने कहा कि कप्तानों को समय दिए जाने की जरूरत है ताकि वे अनुभव के साथ बेहतर हो सकें. उन्होंने कहा ,‘पिछले विश्व कप में भी मुझे लगा कि कप्तान और खिलाड़ी काफी दबाव में हैं. उन्हें डर था कि अच्छा नहीं खेलने पर उन्हें टीम से निकाल बाहर किया जाएगा. ऐसा माहौल क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है .’

इंजमाम ने एक टीवी चैनल से कहा ,‘सरफराज ने पाकिस्तान के लिए कुछ अच्छी जीत दर्ज की है. वह अच्छा कप्तान बन रहा था लेकिन जब वह अपने अनुभव और गलतियों से सीख चुका था, उसे पद से हटा दिया गया.’

सरफराज का किया बचाव 

बकौल इंजमाम,‘सरफराज ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी और हमें दुनिया की नंबर एक टी20 टीम बनाया . उसे कुछ और समय दिया जाना चाहिए था लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उस पर भरोसा नहीं किया और ना ही सब्र से काम लिया.’

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम की कमान अजहर अली का जबकि लिमिटेड ओवर्स टीम  की कमान बाबर आजम को सौंपी है.