रविंद्र जडेजा चोट से उबर चुके हैं  © AFP
रविंद्र जडेजा चोट से उबर चुके हैं © AFP

राजकोट। ऑल राउंडर रविंद्र जडेजा की वापसी से गुजरात लायंस का मनोबल बढ़ा हुआ है जिससे टीम शुक्रवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिये बेकरार होगी। गुजरात लायंस पिछले साल अपने पहले आईपीएल में तीसरे स्थान पर रही थी, हालांकि टूर्नामेंट के इस चरण में उन्हें अच्छी शुरूआत नहीं मिली है। सुरेश रैना की अगुवाई वाली टीम को शुरुआती दो मैचों में दो बार की चैंम्पियन कोलकाता नाइटराइडर्स और गत चैम्पियन सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों में शिकस्त मिली है।

गुजरात लायंस की टीम को जडेजा के रूप में बड़ा मनोबल मिलेगा जिनके कल अपना पहला आईपीएल मैच खेलने की उम्मीद है। पहले दो मैचों में टीम को जडेजा की कमी खली जिन्हें बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की चार मैचों की टेस्ट सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद दो हफ्ते के आराम की सलाह दी थी।

जडेजा ने भारत के लिये घरेलू सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया है और उनकी वापसी से निश्चित रूप से गुजरात लायंस का मनोबल बढ़ेगा। एक अन्य अहम सदस्य वेस्टइंडीज के ऑल राउंडर ड्वेन ब्रावो के खेलने पर संदेह बना हुआ है जो चोट से उबर रहे हैं, हालांकि उन्होंने टीम के कल अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था।

गुजरात लायंस का मजबूत पक्ष टीम का बल्लेबाजी विभाग है जिसमें ब्रैंडन मैकुलम, आरोन फिंच, जेसन रॉय, रैना और दिनेश कार्तिक जैसे क्रिकेटर मौजूद हैं। हालांकि मैकुलम और फिंच अभी तक उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके हैं, उन्होंने पहले दो मैचों में क्रमश: 40 और 18 रन ही बनाये हैं। सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय ने केकेआर और हैदराबाद के खिलाफ दोनों मौकों पर पारी में अच्छी शुरूआत की लेकिन इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। [ये भी पढ़ें: प्रिव्यू: जीत की राह में लौटने को बेताब केकेआर]

केवल कप्तान रैना और कार्तिक(47 और 30) ने ही मध्यक्रम में जिम्मेदारी बखूबी संभाली, रैना ने घरेलू मैदान पर केकेआर के खिलाफ नाबाद 68 रन बनाये। वेस्टइंडीज के ड्वेन स्मिथ जिस दिन चल जाये तो बल्ले से आक्रामक हो सकते हैं। लेकिन गुजरात की मुख्य समस्या उसकी गेंदबाजी इकाई जिसमें अनुभव और पैनेपन की कमी है।

पहले दो मैचों में गुजरात लायंस के गेंदबाज केवल एक ही विकेट हासिल कर पायें हैं जिसमें अनुभवी प्रवीण कुमार ने शिखर धवन का विकेट झटका था। धवल कुलकर्णी पिछले साल लांयस के सबसे सफल गेंदबाज थे, उनके साथ प्रवीण, बासिल थम्पी, लेग स्पिनर तेजस बरोका और बायें हाथ के चाइनामैन शिविल कौशक पहले दो मैचों में साधारण ही लगे। जडेजा और अनुभवी मुनाफ पटेल का अंतिम एकादश में शामिल करना निश्चित रूप से टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देगा।