ग्लेन मैक्सवेल  © AFP (File Photo)
ग्लेन मैक्सवेल © AFP (File Photo)

इंदौर। मौजूदा सत्र के अपने दूसरे आईपीएल मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों छह विकेट से हार का सामना करने वाली राइजिंग पुणे सुपरजाइंट ने कहा कि प्रतिस्पर्धी टीम को कड़ी टक्कर देने के लिये उनके स्कोर में 20- 25 रन कम पड़ गये। इसके साथ ही, किंग्स इलेवन पंजाब को टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी के निर्णय का भी फायदा मिला। राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के मनोज कुमार तिवारी ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, “हमने होलकर स्टेडियम की इस पिच पर 20 से 25 रन कम बनाए। अगर हमारे बल्लेबाजों के बीच दो और मजबूत भागीदारी होती तो हमारा स्कोर 170 से 190 रन तक सकता था।”

अपनी टीम के लिये 23 गेंदों पर नाबाद 40 रन जड़ने वाले इस 31 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, “टॉस हारने के बाद जब हम किंग्स इलेवन पंजाब के न्योते पर बल्लेबाजी करने उतरे, तो पिच में थोड़ी नमी थी। इससे हम बल्लेबाजी की उस तरह शुरुआत नहीं कर पाये, जिस तरह हम करना चाहते थे। इस मैच के नतीजे पर टॉस का करीब 15 फीसदी असर हुआ।” तिवारी ने कहा, “किंग्स इलेवन पंजाब जब दूसरी पारी में बैटिंग करने उतरे तो उसके खिलाड़ियों को पिच का फायदा मिला। गेंद आसानी से उनके खिलाड़ियों के बल्ले पर आ रही थी, जबकि हमारे स्पिनर्स की गेंदों को ज्यादा घुमाव नहीं मिल पा रहा था। इससे उनके लिये लक्ष्य का पीछा करना आसान रहा।” उन्होंने कहा कि मोहित शर्मा और संदीप शर्मा को भी किंग्स इलेवन पंजाब की जीत का श्रेय जाता है, जिन्होंने सही दिशा में गेंदबाजी की। [ये भी पढ़ें-किंग्स इलेवन पंजाब बनाम पुणे सुपरजायंट का स्कोरकार्ड]

तिवारी ने कहा, “पहले ही ओवर में हमारा विकेट गिर गया जिससे हमें थोड़ा नुकसान हुआ। हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि मैच के लिये तय रणनीति को अमली जामा पहनाने में हमारी ओर से थोड़ी कमी रही।” उन्होंने एक सवाल पर कहा कि महेंद्र सिंह धोनी इस बार राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के भले ही कप्तान नहीं हैं। लेकिन टीम को उनका मार्गदर्शन अब भी मिल रहा है। तिवारी ने कहा, “विकेटकीपर के रूप में धोनी को साफ नजर आता है कि मैच की लय के मुताबिक खिलाड़ियों को क्षेत्ररक्षण के लिये किन स्थितियों में खड़ा किया जाना चाहिये।”