ए बी डीविलियर्स © AFP
ए बी डीविलियर्स © AFP

क्रिकेट में कहा जाता है कि अगर किसी मैच विनर बल्लेबाज के बल्ले से तूफानी अंदाज में रन निकले तो विरोधी टीम की हार तय होती है। लेकिन इंदौर के होल्कर स्टेडियम में इसका एकदम उलट हुआ। सोमवार (10 अप्रैल) को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के धमाकेदार बल्लेबाज ए बी डीविलियर्स ने जबर्दस्त पारी खेली लेकिन इसके बावजूद भी उनकी टीम मैच गंवा बैठी।

किंग्स इलेवन के खिलाफ ए बी डीविलियर्स ने सर्फ 46 गेंद में 89 रनों की पारी खेली, उन्होंने 3 चौके और 9 छक्के लगाए और डीविलियर्स का स्ट्राइक रेट रहा 193.47। डीविलियर्स के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम 20 ओवर में सिर्फ 148 रन बना सकी और किंग्स इलेवन पंजाब ने सिर्फ दो विकेट खोकर 14.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

 

आपको बता दें टी-20 में ऐसा पहली बार हुआ है कि डीविलियर्स ने इतनी बड़ी पारी(89 रन) खेली हो और टीम हार गई हो। इससे पहले साल 2013 में चैंपियंस लीग टी-20 के दौरान डीविलियर्स ने 77 रन बनाए थे और बैंगलोर ने चेन्नई सुपरकिंग्स से मैच गंवा दिया था। ये भी पढ़ें: अब गेंदबाजों की खैर नहीं क्योंकि आईपीएल-10 में अब एबी डिविलियर्स ‘रिटर्न्स’

बैंगलोर की हार की बड़ी वजह

किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ ए बी डीविलियर्स ने तो धुआंधार पारी खेली लेकिन बैंगलोर के दूसरे बल्लेबाज किसी नौसिखिए की तरह खेले। बैंगलोर का कोई भी बल्लेबाज चौके छक्के तो छोड़िए ठीक से डीविलियर्स को स्ट्राइक तक नहीं दे पाए। ए बी डीविलियर्स ने दूसरे ही ओवर में मोर्चा संभाल लिया था लेकिन 15 ओवर तक वो सिर्फ 28 ही गेंद खेल सके।

डीविलियर्स का स्ट्राइक रेट जहां 193.47 रहा वहीं आरसीबी के दूसरे बल्लेबाजों ने सिर्फ 74.32 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। नतीजा बैंगलोर ने एक छोटा सा स्कोर बनाया जिसे हासिल करने में किंग्स इलेवन पंजाब को कोई परेशानी नहीं हुई।