एम एस धोनी © AFP
एम एस धोनी © AFP

आईपीएल 10 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला शुरू होते ही एम एस धोनी की कप्तानी का सुनहरा सफर भी खत्म हो गया। एम एस धोनी आईपीएल में पहली बार एक कप्तान के तौर पर नहीं एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान में उतरे। एम एस धोनी ने आईपीएल के पिछले 9 सीजन में चेन्नई और पुणे सुपरजायंट की कप्तानी की थी लेकिन दसवां सीजन शुरू होने से पहले टीम मैनेजमेंट ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया।

आईपीएल के सबसे सफलतम कप्तान एम एस धोनी ने 143 मैचों में कप्तानी की और 83 मैचों में जीत हासिल की, जबकि 59 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। धोनी की जीत का प्रतिशत 58.45 रहा। कप्तान के तौर पर धोनी ने 39.40 के औसत से 3271 रन भी बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 138.95 रहा। धोनी के बल्ले से 16 अर्धशतक, 236 चौके और 40 छक्के भी निकले। [ये भी देखें-पुणे सुपरजायंट बनाम मुंबई इंडियंस मैच का स्कोरकार्ड]

धोनी को कप्तानी से हटाने की बड़ी वजह रही पिछले सीजन में उनकी कप्तानी में पुणे सुपरजायंट का खराब प्रदर्शन। नौवें सीजन में पुणे सुपरजायंट की टीम अंक तालिका में 7वें नंबर पर रही। पुणे सुपरजायंट ने 14 में से सिर्फ 5 मैच जीते और 9 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। आईपीएल के 9वें सीजन में धोनी का बल्लेबाज के तौर पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। उन्होंने 14 मैच में सिर्फ 284 रन बनाए जो कि उनके आईपीएल करियर में एक सीजन का सबसे कम स्कोर था। जिसका खामियाजा धोनी को कप्तानी गंवाकर चुकाना पड़ा। वैसे टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ना भी धोनी को आईपीएल कप्तानी से हटाने की बड़ी वजह रहा। हालांकि आईपीएल में एक खिलाड़ी के तौर पर पहली बार मैदान पर उतरे एस एस धोनी मैदान पर काफी शांत नजर आए, उन्होंने मस्ती भी की। कॉमेंट्री कर रहे केविन पीटरसन ने माइक्रोफोन पर धोनी को कहा मै ‘तुमसे अच्छा गोल्फ खेलता हूं’ तो इस पर धोनी ने शानदार जवाब देते हुए कहा ‘फिर भी तुम मेरे पहले टेस्ट विकेट हो।’