डेविड वॉर्नर  © BCCI
डेविड वॉर्नर © BCCI

आईपीएल 2017 खत्म हो चुका है और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर को औरेंज कैप का विजेता चुना गया। वॉर्नर ने मौजूदा सीजन में 14 मैचों में 58.27 की औसत से 641 रन बनाए। इस दौरान वॉर्नर का स्ट्राइक रेट 141.81 का रहा। उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतक मुकम्मल किए। वॉर्नर इसके पहले 2015 में भी ऑरेंज कैप अपने नाम कर चुके हैं। इस सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 562 रन बनाए थे। वॉर्नर क्रिस गेल के बाद दूसरे ऐसे खिलाड़ी है जिन्हें दो बार ऑरेंज कैप से नवाजा गया है। वैसे साल 2017 में डेविड वॉर्नर ने औरेंज कैप जरूर हासिल की लेकिन, अगर अंपायरों ने गलती न की होती तो शायद वॉर्नर के नाम ये औरेंज कैप न होती। टूर्नामेंट में अंपायरों ने डेविड वॉर्नर को दो बार बचाया।

पहला वाकया सनराइजर्स हैदराबाद बनाम गुजरात लायंस मैच का है जिसमें वॉर्नर को अंकित सोनी की गेंद पर विकटों के पीछे दिनेश कार्तिक ने लपक लिया था। विकेटकीपर ने अपील की तो अंपायर ने उसपर ध्यान नहीं दिया और आगे बढ़ गए और इस तरह वॉर्नर को आउट नहीं दिया गया बल्कि रीप्ले में साफतौर पर पता चल रहा था कि गेंद बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लेती हुई विकेटकीपर के दस्तानों में समाई है। अंपायर का यह निर्णय देखकर वॉर्नर ढगे से रह गए। इस जीवनदान का वॉर्नर ने खूब फायदा उठाया और अपनी टीम को मैच जितवा दिया। वह अंत तक 69 रन बनाकर नाबाद रहे। [ये भी पढ़ें: डेविड वॉर्नर का ऑरेंज कैप पर कब्जा, जानिए 10 सालों में कौन-कौन बना सबसे बड़ा ‘रन’वीर]

इसके पहले मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में वॉर्नर ने तो क्रिकेट नियमों की धज्जियां उड़ा दी थीं। वैसे यह गलती फिर से अंपायर की थी, वॉर्नर तो बस मोहरा थे। हुआ यूं कि वॉर्नर ने जसप्रीत बुमराह के छठवें ओवर की अंतिम गेंद पर चौका मारा। वहीं जब सातवां ओवर मिचेल मैकलेनिघन लेकर के आए तो पहली गेंद का सामना वॉर्नर कर रहे थे। अब ये कैसे हो सकता था, लेकिन वहां हो रहा था। वॉर्नर ने बाकायदा इस ओवर की पहली गेंद का सामना किया। वहीं अंपायर नितिन मैनन और सीके नंदन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। जाहिर है कि इतनी सारी गलतियां अगर नहीं हुई होतीं तो सनराइजर्स हैदराबाद के प्लेऑफ में पहुंचने पर भी प्रश्नचिन्ह लग जाता और ऐसे में डेविड वॉर्नर मैन ऑफ द सीरीज(पर्पल कैप विनर) बनते या कोई और? ये वक्त ने कुछ और तय किया होता।