इंदौर का होलकर स्टेडियम © Getty Images
इंदौर का होलकर स्टेडियम © Getty Images

आईपीएल-10 के शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं और इस बार आईपीएल के कुछ मैचों की मेजबानी का जिम्मा इंदौर के होलकर स्टेडियम को भी मिला है। लेकिन टूर्नामेंट से ठीक पहले होलकर स्टेडियम से मेजबानी छिनने का खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को स्टेडियम के दो गेटों को सील कर दिया गया। इंदौर नगर निगम (आईएमसी) ने 29 लाख रुपये से ज्यादा का संपत्ति कर और अन्य स्थानीय करों की अदायगी न किए जाने पर मध्यप्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के एक आला अधिकारी के दफ्तर और होलकर स्टेडियम के दो मुख्य द्वारों को आज सील कर दिया। ये भी पढ़ें: कंधे में चोट के कारण के एल राहुल आईपीएल से बाहर, सर्जरी के लिए जाएंगे लंदन

यह कदम अगले महीने इस स्टेडियम में खेले जाने वाले तीन आईपीएल मैचों से पहले उठाया गया। आईएमसी के उपायुक्त प्रताप सिंह सोलंकी ने बताया कि एमपीसीए पर वित्तीय वर्ष 2016-17 का 29 लाख नौ हजार 605 रपये का संपत्ति कर और अन्य स्थानीय कर बकाया थे। बकाया करों की अदायगी नहीं किए जाने पर एमपीसीए के प्रशासनिक भवन में संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का दफ्तर और इसी परिसर के होलकर स्टेडियम को दो मुख्य द्वारों को मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत मिली शक्तियों के बूते सील कर दिया गया। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के हर करदाता को अपनी संपत्ति के मौजूदा मूल्य लेकर घोषणापत्र देना जरूरी है। लेकिन एमपीसीए ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए इस बारे में घोषणापत्र जमा नहीं किया। सोलंकी ने बताया कि आईएमसी की टीम ने जांच के दौरान यह भी पाया कि होलकर स्टेडियम के एक लाख 61 हजार वर्ग फुट में फैले क्रिकेट मैदान को लेकर एमपीसीए की ओर से आईएमसी के खाते में संपत्ति कर जमा नहीं कराया जा रहा था।