एम एस धोनी © AFP
एम एस धोनी © AFP

विरोधी के जबड़े से जीत कैसे छीनी जाती है ये एम एस धोनी से बेहतर शायद ही कोई क्रिकेटर जानता होगा। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में एक वक्त ऐसा था कि पुणे सुपरजायंट्स की टीम लगभग मैच हार चुकी थी। पुणे को 18 गेंद में 47 रन बनाने थे और सामने था भुवनेश्वर कुमार जैसा गेंदबाज जिसने इस सीजन में डेथ ओवर में कमाल की गेंदबाजी की थी लेकिन बावजूद इसके एम एस धोनी ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए जीत की विजय पताका फहरा दी। धोनी ने 34 गेंद में नाबाद 61 रन बनाए और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

अपनी इस मैच जिताऊ पारी के बाद धोनी ने खुलासा किया कि लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने कई छोटे-बड़े पहलुओं को ध्यान में रखा। धोनी ने कहा ‘ये लक्ष्य हासिल करना खासा मुश्किल था, लेकिन हमारे पास बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज थे। हमने सनराइजर्स हैदराबाद के लेग स्पिनर राशिद खान की गेंद पर जोखिम ना लेने की रणनीति बनाई। इसके अलावा मैदान में एक तरफ हवा चल रही थी तो हमने प्लान बनाया कि दूसरी ओर से एक बल्लेबाज हवा के रुख के साथ ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करेगा।’

धोनी ने कहा ‘आप इस तरह के मैच हमेशा नहीं जीत सकते लेकिन मुझे लगता है कि हमने अच्छा प्रदर्शन किया। मनोज तिवारी ने शानदार पारी खेली, उनके रन काफी अहम थे क्योंकि उन्होंने गेंदें खराब किए बिना तेजी से रन बनाए।’ महेंद्र सिंह धोनी ने ये भी कहा कि इन दिनों कोई भी रन रेट ज्यादा नहीं है, असल चीज है कि विरोधी टीम के गेंदबाज कैसी गेंदबाजी करते हैं। धोनी ने कहा ‘8,9,10 का रन रेट मायने नहीं रखता, मायने रखती है तो आपकी शांति और संयम।’

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पुणे सुपरजायंट के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने भी एम एस धोनी की काफी तारीफ की, स्मिथ ने कहा ‘मैच अंत तक गया लेकिन एम एस धोनी ने वही किया जो वो अपने करियर में काफी लंबे समय से करते आ रहे हैं। दबाव में धोनी ने कमाल की पारी खेली।’