IPL 2018: Bowlers can improve only after being thrashed by batsman, says Rashid Khan
राशिद खान © AFP

इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के लेग स्पिनर राशिद खान का मानना है कि मैदान पर मार खाने के बाद ही गेंदबाजी में सुधार हो सकता है। 19 साल के युवा लेग स्पिनर राशिद ने मंगलवार रात लीग के 11वें सीजन के मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ चार ओवर में केवल 11 रन दिए और एक मेडन ओवर के साथ दो विकेट भी हासिल की। इससे पहले चुन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ राशिद काफी महंगे साबित हु़ए थे। चेन्नई के खिलाफ उन्होंने 49 और पंजाब के खिलाफ 55 रन लुटाए थे।

वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइन्फो ने राशिद के हवाले से कहा, “जब तक आपको मार नहीं पड़ती है, तब तक आप सीख नहीं सकते। इससे पहले पिछले दो मैचों में मैंने छोटी गेंदें की जिससे मुझे मदद नहीं मिली और मार पड़ी। लेकिन मुंबई के साथ मैच में मैंने सही लाइन लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की जिससे मुझे काफी मदद मिली। मैंने लाइन लेंथ पर काफी काम किया और ये सकारात्मक रहा।”

IPL 2018: इंडियन प्रीमियर लीग बना 'इंजर्ड प्रीमियर लीग', 10 खिलाड़ी हो चुके हैं बाहर
IPL 2018: इंडियन प्रीमियर लीग बना 'इंजर्ड प्रीमियर लीग', 10 खिलाड़ी हो चुके हैं बाहर

राशिद पारी के 14वें ओवर में गेंदबाजी करने आए थे और उन्होंने क्रुणाल पांड्या को पगबाधा आउट किया। उन्होंने कहा, “मैंने 14वें ओवर में गेंदबाजी की और मुझे पता था कि कहां गेंदबाजी करना है। क्रुणाल बड़े हिटर हैं और कहीं भी गेंद को मार सकते हैं। इसलिए मैंने उन्हें ज्यादा रूम नहीं दिया। मैंने सिर्फ सही एरिया में गेंद को गिरने दिया और इसलिए मेडन ओवर निकालने में सफल रहा।”

अफगानिस्तान के राशिद को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला और इसका श्रेय उन्होंने अपनी टीम मैनेजमेंट को दिया। युवा लेग स्पिनर ने कहा, “जब एक हार के बाद आप जीतते हैं, तो अच्छा महसूस होता है। कोचिंग स्टाफ से हमें काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। टीम मैनेजमेंट मुझे हमेशा प्रोत्साहित करता रहता है। आप जो भी करते हैं आपको उसे शांत दिमाग से करने की जरूरत होती है और अपने बेसिक को ध्यान में रखकर करना होता है।”