पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina) के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 20200 का 13वां सीजन छोड़कर भारत लौटने के बाद सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने भी निजी कारणों की वजह से टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया।

चेन्नई सुपर किंग्स टीम ने रैना के रिप्लेसमेंट का ऐलान करने से इंकार दिया है क्योंकि इस ऑलराउंडर खिलाड़ी के टूर्नामेंट में लौटने की संभावना अब भी बनी हुई। लेकिन दूसरी ओर हरभजन की जगह किसी और भारतीय खिलाड़ी के नाम का ऐलान किया जा सकता है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का कहना है कि ऑलराउंडर जलज सक्सेना को हरभजन की जगह मौका दिया जाए। बता दें कि दासगुप्ता को आईपीएल 2020 के लिए चुने गए कमेंट्री पैनल में जगह मिली है, जिसके लिए वो जल्द अबू धाबी रवाना होंगे।

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जलज सक्सेना को जगह मिलनी चाहिए, वो काफी अच्छा ऑलराउंडर है। मुझे लगता है कि उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए, वो भज्जी की जगह लेने के लिए अच्छा विकल्प है।”

गौरतलब है कि सक्सेना पिछले आईपीएल सीजन में दिल्ली कैपिटल्स टीम का हिस्सा थे लेकिन 13वें सीजन से पहले उन्हें स्क्वाड से रिलीज कर दिया गया था। सक्सेना घरेलू क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने 54 टी20 मैचों में 49 विकेट लेने के साथ 633 रन भी बनाए हैं। रैना और हरभजन की गैरमौजूदगी में सक्सेना सीएसके लिए बेहतरीन बैकअप साबित हो सकते हैं।

दासगुप्ता ने कहा, “वो ऐसा खिलाड़ी है जिसके पास काफी अनुभव है, ना केवल रेड बॉल क्रिकेट में बल्कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में भी वो काफी समय से खेल रहा है।”

चेन्नई टीम में हरभजन के योगदान पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हां, वो हर मैच में नहीं खेलता था, पिछले सीजन भी वो सारे मैच नहीं खेला था लेकिन इसके बावजूद जब आपके पास हरभजन जितना अनुभवी कोई खिलाड़ी होता है और हम यहां तीन टूर्नामेंट में 50 मैच खेले जाने की बात कर रहे हैं। टूर्नामेंट के दूसरे भाग में पिच धीमी पड़ जाएंगे जिससे स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा, “मेरे अनुभव से, हां (चेन्नई टीम हरभजन की कमी महसूस करेगी)। हां वो केवल एक ऑफ स्पिनर है, और पिछले सीजन ज्यादा मैच भी नहीं खेला लेकिन उसके जितना अनुभव होने पर, आपको ऐसे खिलाड़ी का समर्थन करना पड़ता है और उसने सीएसके के लिए जो कुछ किया है। इसके लिए वो उसकी कमी महसूस करेंगे, शायद कुछ ज्यादा ही।”