पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा समय में पूर्वी दिल्‍ली से सांसद गौतम गंभीर के दिल्‍ली कैपिटल्‍स में हिस्‍सेदारी खरीदने की चचाएं इन दिनों जोरों पर है. दिल्‍ली फ्रेंचाइजी की कप्‍तान कर चुके गंभीर को फिलहाल पार्टनरशिप मिल पाना संभव नहीं है. दिल्‍ली कैपिटल्‍स की तरफ से इस फिलहाल ऐसा कुछ हो पाने की सभी संभावनाओं से इंकार कर दिया है.

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न्‍यूज एजेंसी आईएनएस के रिपोटर को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने बताया, “यह अभी नहीं हो रहा. उनके बोर्ड में आने की चर्चा थी और अभी भी चर्चाएं ही हैं, लेकिन यह इस सीजन 99.9 प्रतिशत नहीं हो रहा है. अगर यह बाद में होता है तो यह अलग कहानी होगी, लेकिन यह 2020 सीजन से पहले होता नहीं दिख रहा.”

कयास यह भी लगाए जा रहे थे कि अगर हिस्‍सेदारी नहीं तो गंभीर को टीम मेंटर बनाया जा सकता है. सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्‍यक्ष बनने के बाद दिल्‍ली कैपिटल्‍स में यह पद खाली पड़ा है. अधिकारी ने इस सवाल पर कहा कि रिकी पोंटिंग की अध्‍यक्षता में बाकी सपोर्ट स्‍टाफ अच्‍छा काम कर रहा है. ऐसे में यह मुद्दा कभी विचार में आया ही नहीं है.

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बीसीसीआई की तरफ से गांगुली द्वारा मेंटर बनने पर हितों के टकराव की बात से इनकार किया है. अधिकारी ने न्‍यूज एजेंसी से कहा, “तकनीकी रूप से कागजों पर हितों के टकराव का मुद्दा नहीं होगा, लेकिन आप जानते हैं कि आजकल किस तरह से चीजें हो रही हैं. कुछ लोग ऐसे हैं जो तवज्जो पाने के लिए लोकपाल को मेल करने की ताक में रहते हैं. लेकिन जैसा मैंने कहा, गंभीर अगर मेंटॉर बनते हैं तो कागजों पर हितों के टकराव का मुद्दा नहीं होगा.”