रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के चेयरमैन संजीव चूरीवाला के ये बयान देने पर कि ‘इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को यूएई आने पर क्वारेंटीन में नहीं रखा जाना चाहिए’ कई फ्रेंचाजियों ने ऐतराज जताया है। दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन के लिए यूएई पहुंचने वाले खिलाड़ियों को 6 दिन के क्वारेंटीन में रहना अनिवार्य है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में फ्रेंचाइजी मालिक ने कहा, “ये बाद में आने वाले खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य क्यों नहीं किया जा रहा है कि उन्हें एक हफ्ते क्वारेंटीन में रहना होगा? नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए।”

आरसीबी के चेयरमैन के बयान के पीछे तुक ये था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले सीमित ओवर फॉर्मेट सीरीज 16 सितंबर को खत्म होनी है। ऐसे में अगर खिलाड़ी 17 या 18 सितंबर तक भी यूएई पहुंचते हैं और फिर उन्हें एक हफ्ते के क्वारेंटीन में रखा जाता है तो वो टूर्नामेंट के शुरुआती मैच नहीं खेल पाएंगे।

उनका मानना है कि इंग्लैंड में होने वाली सीरीज के दौरान खिलाड़ी बायो सिक्योर बबल में ही रहेंगे तो फिर यूएई आने पर उन्हें क्वारेंटीन करने की क्या जरूरत है।

इस पर एक दूसरी टीम से जुड़े सूत्र ने कहा, “हम भी यूएई जाने से पहले भारत में क्वारेंटीन में रहे लेकिन हम नियमों को मानकर यूएई में फिर एक हफ्ते के क्वारेंटीन पर जा रहे हैं। ये सभी के लिए होना चाहिए।”

टीमें भले ही कुछ कहें लेकिन बीसीसीआई ने पहले ही आठों फ्रेंचाइजियों को पत्र भेजकर साफ कर दिया कि क्वारेंटीन का नियम सभी सदस्यों के लिए बराबर है। बोर्ड की प्राथमिकता लीग में हिस्सा लेने वालों के लिए कोविड-19 संक्रमण के खतरे को कम करना है और इसके लिए हरसंभव कोशिश करना जरूरी है।