सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मैच में 20 रन से जीत हासिल कर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने आखिरकार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन में हार का सिलसिला तोड़ा है। लेकिन मैच के बाद सीएसके की जीत नहीं बल्कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के गुस्से की चर्चा ज्यादा हो रही थी। फैंस ने कैप्टन कूल पर अंपायर पॉल रीफेल पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया।

मामला हैदराबाद के पारी के दौरान 19वें ओवर का है, जब राशिद खान (Rashid Khan) बल्लेबाजी कर रहे थे। शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने ओवर की पहली गेंद पर दो रन जाने के बाद अगली गेंद वाइड डाली। दूसरी गेंद दोबारा डालने आए शार्दुल ने एक बार फिर गेंद वाइड की लाइन से बाहर रखी।

जिसके बाद अंपायर वाइड गेंद का इशारा करने ही जा रहे थे लेकिन विकेट के पीछे मौजूद धोनी की नाराजगी देखने के बाद अचानक उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। जिससे डगआउट में बैठे हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर (David Warner) भी नाराज हुए।

बता दें कि ठाकुर का 19वां ओवर मैच का टर्निंग प्वाइंट रहा था। ओवर में ना केवल 5 ही रन बनाए बल्कि राशिद का अहम विकेट भी मिला। जिसकी बदौलत सीएसके ने हैदराबाद को हराया। हालांकि फैंस को अंपायर का इस तरह फैसला बदलना पसंद नहीं आया और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की।

मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर माइक स्लेटर ने इस पर कहा, “लग रहा है कि वो ऊपर (थर्ड अंपायर) के साथ चर्चा कर रहे हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो चर्चा कर रहे हैं। लग रहा था कि उनके हाथ बाहर आ रहे थे (वाइड का इशारा करने के लिए), ये दिलचस्प है।”

वहीं पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा, “वो चेक कर रहे हैं कि गेंद बल्ले से तो नहीं लगी लेकिन अगर बल्ले से लगी होती को कैच होता क्योंकि गेंद सीधा धोनी के हाथ में गई।”

कमेंटेटर्स पैनल में मौजूद एक और पूर्व दिग्गज केविन पीटरसन ने कहा, “मुझे पक्का यकीन है कि मैंने उनके हाथ ऊपर जाते हुए देखे थे। फिर उनकी तरफ काफी शोर हो रहा था और उन्होंने अपना फैसला रोक दिया।”