सोमवार को राजस्थान रॉयल्स (RR) और पंजाब किंग्स (PBKS) की टीमें आमने-सामने थीं. यहां रॉयल्स की टीम 222 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी. जब दो गेंदों पर रॉयल्स को 5 रन की दरकार थी, तो संजू ने अर्शदीप की गेंद पर एक शॉट खेला था. क्रिस मॉरिस यहां तेजी से रन दौड़ पड़े. लेकिन संजू ने उन्हें वापस भेज दिया.

मॉरिस इस मौके पर अकेले ही करीब-करीब 2 रन दौड़ गए लेकिन संजू ने अपनी क्रीज नहीं छोड़ी. अंत में वह मैच की अंतिम बॉल पर कैच आउट हो गए और रॉयल्स की टीम यह मैच हार गई.

सैमसन यहां 119 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि क्रिस मॉरिस क्रीज पर कुछ पल पहले ही आए थे. उन्होंने 4 गेंदों में 2 रन ही बनाए थे. सैमसन समझते थे कि नए बल्लेबाज के लिए क्रीज पर आते ही रन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में उन्होंने अपने दम पर ही चांस लेने की सोच.

इस बीच साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने संजू के इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा, ‘संजू सैमसन में गेंद को आसानी से मैदान के बाहर भेजने की क्षमता है. लेकिन दूसरे छोर पर मौजूद क्रिस मॉरिस में भी बड़ा शॉट खेलने की कुव्वत रखते हैं. संभवतः सैमसन का सिंगल नहीं लेने का निर्णय गलत था.’ हालांकि संजय मांजरेकर ने उनके फैसले का बचाव किया है. डेल स्टेन और संजय मांजरेकर ईएसपीएन क्रिक इन्फो पर खास चैट शो में इस मैच की समीक्षा कर रहे थे.

पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘ज्यादा संभावना इस बात की थी कि संजू सैमसन छक्का लगाएंगे ना कि इस बात की कि नए बल्लेबाज क्रिस मॉरिस चौका लगाएंगे. आखिरी गेंद पर स्ट्राइक खुद के पास रखने का सैमसन का फैसला सही था.’

हालांकि राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक और पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने संजू के इस फैसले का बचाव किया है. संगकारा ने संजू के इस फैसले का पूरा समर्थन किया है. उन्होंने कहा, ‘संजू को भरोसा था कि वह टीम को जीत तक ले जाएंगे और वह करीब-करीब ले भी गए. आखिरी गेंद पर वह 5 या छह गज पीछे रह गए वरना वह छक्का ही होता.’

उन्होंने कहा, ‘संजू को ऐसा करते देखकर अच्छा लगा. आप एक रन से चूकने की बात कर सकते हैं. लेकिन मेरे लिए अहम बात खिलाड़ी का खुद पर भरोसा और प्रतिबद्धता है. संजू ने मैच को फिनिश करने की जिम्मेदारी ली लेकिन कुछ गज से चूक गए. अगली बार वह दस गज आगे मारकर हमें जीत दिलाएंगे.’