रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के युवा ओपनिंग बल्लेबाज देवदत्त पडीक्कल (Devdutt Padikkal) का नाम विवादित कारणों के चलते सुर्खियों में आ रहा है. पडीक्कल को उनकी आईपीएल टीम आरसीबी ने बिना क्वॉरंटीन पीरिडय पूरा किए ही अपनी टीम में शामिल कर लिया है. यह साफतौर पर नियमों का उल्लंघन है और इससे पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की सेहत पर खतरा बढ़ सकता है. इससे इस लीग की बाकी फैंचाइजियां नाखुश हैं और उन्होंने इस पर सवाल भी खड़े किए हैं.

कोविड- 19 (Covid- 19) के चलते नए बने प्रोटोकॉल के तहत बीसीआई का यह नियम है कि खिलाड़ियों को प्रैक्टिस शुरू करने से पहले टीम के होटल में 7 दिन का जरूरी क्वॉरंटीन पीरियड पूरा करना होगा. लेकिन पडीक्कल ने ऐसा नहीं किया और उनकी टीम ने सीधे उन्हें अपनी टीम के बायो बबल में एंट्री दे दी.

इस पूरे मामले पर एक टीम के अधिकारी ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर खिलाड़ी अपने घर पर भी होम क्वॉरंटीन पूरा कर सकते थे तो टीम के सभी सदस्यों को ऐसा ही करना चाहिए था. हालांकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने भी इस मामले पर अपनी सफाई दी है. आरसीबी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पडीक्कल को तभी टीम में शामिल करने की मंजूरी दी गई, जब तीन बार उनका कोविड- 19 टेस्ट निगेटिव आया.

आरसीबी ने अपनी ओर से जारी एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, ‘देवदत्त पडीक्कल ने 7 अप्रैल 2021 को टीम ज्वाइन की और बीसीसीआई के प्रोटोकॉल के सभी नियमों का पालन किया गया है. आरसीबी की मेडिकल टीम भी लगातार उनके संपर्क में है और उन्होंने पडीक्कल को पूर्णत: स्वस्थ पाया है.’ बीसीसीआई के प्रोटकॉल के तहत किसी भी खिलाड़ी को अपनी आईपीएल टीम में जुड़ने से पहले टीम के होटल रूम में 7 दिन के लिए क्वॉरंटीन में बिताने होंगे. इस दौरान उसका कोविड- 19 टेस्ट निगेटिव आने के बाद ही टीम के बबल में एंट्री मिल सकती है.