आईपीएल में पिछले सीजन के फ्लॉप शो के बाद ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) का बल्ला उनकी नई टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खूब चल रह रहा है. बुधवार को उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ बेहतरीन फिफ्टी जड़कर अपनी टीम को 149 रन के सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचा दिया. मैक्सवेल ने 41 गेंद की अपनी पारी में 59 रनों की पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. बता दें आईपीएल में मैक्सवेल के बल्ले से यह फिफ्टी निकलने में 5 साल का समय लग गया.

इससे पहले उन्होंने साल 2016 में किंग्स XI पंजाब के लिए फिफ्टी जड़ी थी. उस सीजन इस कंगारू बल्लेबाज ने 2 फिफ्टी जमाई थी. इसके बाद से मैक्सवेल अगले तीन सीजन (2017, 2018 और 2020) में कोई फिफ्टी नहीं जमा पाए. साल 2019 में उन्होंने आईपीएल में भाग नहीं लिया था. लेकिन इस सीजन उन्हें विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी ने अपनी टीम में चुना है और इस बल्लेबाज ने अभी तक दोनों पारियों में गजब की बैटिंग दिखाई है. पहले मैच में उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 39 रन बनाए थे और आजक बल्लेबाजी के लिए मुश्किल दिख रहे चेन्नई की विकेट पर उन्होंने अपनी टीम के लिए सर्वाधिक 59 रन बनाए.

हालांकि आईपीएल में अपनी दो फिफ्टी के बीच सबसे लंबा इंतजार करने वाले वह इकलौते बल्लेबाज नहीं हैं, अभी तक दो फिफ्टीज के बीज में सबसे लंबा इंतजार करने वाले खिलाड़ियों में यूसुफ पठान सबसे आगे हैं. यूसुफ ने साल 2010 में अपनी फिफ्टी जड़ने के बाद 2013 में दोबारा फिफ्टी जड़ी थी और तब तक उन्हें 49 पारियों का इंतजार करना पड़ा.

IPL में दो फिफ्टी के बीच सबसे ज्यादा पारियों तक इंतजार

49 यूसुफ पठान (2010-13)

48 दीपक हूडा (2015-20)

44 ड्वेन ब्रावो (2009-15)

40 ग्लेन मैक्सवेल (2016-21) *

मैक्सवेल को आरसीबी नंबर 4 पर मौका दे रही है और यह बल्लेबाज यहां अपनी जगह पक्की करता दिख रहा है. आज जब वह क्रीज पर बल्लेबाजी के लिए उतरे तब आरसीबी का स्कोर 47 रन पर 2 विकेट था. उन्होंने पहले विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े. इसके बाद जब विराट आउट हुए तो रॉयल ने अपने तीन और विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए. लेकिन मैक्सवेल ने एक छोर को अंत तक संभाले रखा.

एक वक्त पारी के 17 वें ओवर में उसका स्कोर करीब 110 ही था. यहां से 130 रन का आंकड़ा छूना भी उसके लिए मुश्किल लग रहा था. लेकिन यहां से मैक्सवेल अपने गियर बदले और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरकर अपनी टीम का स्कोर 149 के सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचा दिया.