इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) में इस सीजन कोलकाता और राजस्थान रॉयल्स की टीमों की किस्मत बिल्कुल एक जैसी दिख रही है. दोनों ही टीमों ने अभी 4-4 मैच खेलकर सिर्फ एक-एक में ही जीत दर्ज की है. इतना ही नहीं दोनों ही टीमें अपने-अपने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों की नाकामी से जूझ रही हैं. ऐसे में शनिवार को जब दोनों आमने-सामने होंगी तो दोनों में से किसी एक के खाते में जीत आना तय है. ऐसे में दोनों ही टीमें एक दूसरे की कमजोरियों का फायदा उठाने की पुरजोर कोशिश करेंगी.

एक ओर केकेआर की कमान इंग्लैंड के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इयोन मॉर्गन के हाथ में है, जबकि राजस्थान ने यह जिम्मेदारी अपने युवा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को सौंपी है. दोनों ही टीमें एक इकाई के तौर पर प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं.

केकेआर ने अपने पहले ही मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था लेकिन इसके बाद उसे लगातार तीन मैच गंवाए हैं। फिलहाल अंकतालिका में 1 जीत के साथ छठे स्थान पर है. दूसरी ओर रॉयल्स की जीत हार का समीकरण (1-4) भी बिल्कुल समान है लेकिन उसका रनरेट केकेआर से भी खराब है और इसी के चलते पह अंकतालिका में सबसे निचले 8वें पायदान पर है. अब दोनों ही टीमें वापस पटरी पर लाटने की राह तलाश रही हैं.

केकेआर ने अपना पिछला मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेला था. तब 221 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी यह टीम शीर्ष क्रम के फ्लॉप होने के चलते लड़खड़ा चुकी थी, लेकिन आंद्रे रसल, दिनेश कार्तिक और पैट कमिन्स की शानदार बल्लेबाजी से उसने बेहतरीन रन बनाए और अंत में उसे 18 रन से हार का सामना करना पड़ा था. अब टीम को टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों से खासतौर से शुबमन गिल और मॉर्गन से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी.

दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के हाथों 10 विकेट की करारी हार झेलने के बाद उतरेगा. सैमसन की अगुवाई वाली टीम अभी तक लय में नहीं दिखी है, उसने बस एक ही मैच में जीत का कमाल दिखाया था, जब उसने डेविड मिलर और क्रिस मॉरिस की बैटिंग के बूत दिल्ली कैपिटल्स को मात दी थी. इससे पहले सैमसन ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पहले मैच में 119 रन की पारी खेली थी लेकिन इसके बाद वह रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं.

गेंदबाजी भी रॉयल्स के लिए चिंताएं पैदा हो रही हैं. क्रिस मौरिस और मुस्तफिजुर रहमान रनों पर अंकुश लगाने में असफल रहे हैं. जोफ्रा आर्चर और बेन स्टोक्स के चोटिल होने से उसकी परेशानी बढ़ गई हैं, जबकि लियाम लिविंगस्टोन लगातार जैव सुरक्षित वातावरण में रहने के कारण हट गए हैं.